संपादकीय

दलित चेतना

भारतीय दलित साहित्य की अवधारणा बांग्ला दलित साहित्य को शामिल किए बगैर पूरी नहीं होती। दिक्कत यह है कि हिंदीभाषी जनता के बीच बांग्ला के दलित साहित्य की चर्चा अभी ठीक से शुरू नहीं हुई है। बंगाल में दलित आंदोलन और लेखन की एक सशक्त परंपरा लंबे समय से गतिमान है। इस परंपरा के नायकों […]

संपादकीय

ज्ञान और किताब

यह कठिन समय है। लेखक बढ़ रहे हैं और पाठक कम हो रहे हैं। पुस्तकें समुचित संख्या में छप रही हैं, पर उनके खरीददार कम होते जा रहे हैं। पुस्तक मेलों में भीड़ उमड़ती है, पुस्तकों की प्रदर्शनी को निहारती है, ढेर में रखी पुस्तकों को पलटती है और जाकर चाट-पकौड़ी खाती है, स्वेटर, मफलर, […]

संपादकीय

सही रास्ते की तलाश

निर्भया कांड जैसे हिंसा और कू्ररता के तत्त्व हमारे समाज में स्थान बना रहे हैं। क्या कभी हमने सोचा है कि ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं? क्यों पनप रहे हैं हमारे समाज में ऐसे कीटाणु, जो वातावरण को रोगग्रस्त बना रहे हैं। आज मानव मूल्यों की किसी को परवाह नहीं, वे पीछे छूटते जा रहे […]

संपादकीय

मुख्यमंत्री पद से हट जाना

सीबीाई अदालत के आदेश के पर हुई एफआईआर दर्ज होने के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी को अब पद पर बने रहने का कोई औचित्य है। वे पहले कह रहे थे कि अदालत के आदेश के बाद भी उन्होंने यही दोहराया है कि वे निर्दोष हैं और उनके […]

संपादकीय

बच्चों की तालीम पर लड़ाई

देश का राज्यधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र के स्कूलों में नर्सरी खक्षा में दाखिले को लेकर अभिभावकों में ओहापोह का आलम है। कहीं दखिले के लिए फार्मों की मनमानी कीमतों वसूली जा रही हैं, तो कोई सरकार के नियमों के उल्लघन को लेकर अभिभावकों में नाराज है। हालात यह है कि बच्चों के स्कूलों […]

संपादकीय

गंगा की गंदगी और सफाई

गंगा को प्रदूषण से मुक्ति के लिए गंगे योजना का प्रवाह अब जल संसाधन मंत्रालय के साथ ही अन्य मंत्रालयों की ओर भी मोड़ दिया गया है। यह न सिर्फ मोदी सरकार की इस महत्त्वाकांक्षी योजना को कामयाब बनाने और उसमें आड़े आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए किया जा रह है। केंद्र सरकार […]

संपादकीय

पुलिस को सुधारने का प्रयास

दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार को दिल्लीवासियों की सुरक्षा को लेकर चेताया है। दिल्ली पुलिस के लिए गृह मंत्रालय की स्वीकृति के बावजूद चौदह हजार अतिरिक्त भर्तियां नहीं हो सकीं और चार सौ पचास करोड़ रुपए के सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए धनराशि मुहैया नहीं कराई गई। हाइकोर्ट के सामने लंबित दिल्ली पुलिस, राज्य सरकार […]

संपादकीय

स्त्री मात्र देह नहीं

ऐसे विरले लोग होंगे, जिन्हें अपनी प्रशंसा मुग्ध न करती हो, वह भी उन परिस्थितियों में जब चारों ओर ऐसे लोगों की भरमार हो, जिनके जीवन का लक्ष्य मात्र आलोचना करना हो। अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोते-पिराते मैंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि यह असीम संतुष्टि के साथ न जाने कितने […]

संपादकीय

राष्ट्रपति शासन

हमारे लोकतंत्र पर दलीय स्वार्थ किस कदर हावी हो चले हैं, अरुणाचल प्रदेश का राजनीतिक संकट इसकी अफसोसनाक मिसाल है। बीते साल दिसंबर में पैदा हुआ यह संकट प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश से और गहरा गया है। कांग्रेस ने पूर्वोत्तर के अपने इस सियासी किले को बचाने की जद्दोजहद […]