टाइगर जिंदा है: पाक की खुफिया एजेंसी कब से हो गई भारत की मित्र

क्या अब पाक्स्तिान के विश्व कुख्यातभारत विरोधी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (आईएसआई) भारत की मित्र और शुभचिंत बन गई है? ऐसा आखिऱकार कब से हो गया? हाल ही में रीलिज हुई सलमान खानकी फिल्म ‘टाइगर जिंदा हैंÓ में आईएसआई Read More …

मेट्रो के बढ़े किराये और दिल्ली सरकार के ड्रामे के खिलाफ स्वराज इंडिया का मेट्रो स्टेशनों पर प्रदर्शन

मेट्रो के बढ़े किराये और दिल्ली सरकार के ड्रामे के खिलाफ स्वराज इंडिया का मेट्रो स्टेशनों पर प्रदर्शन नई दिल्ली (अजमिल)। झूठा ड्रामा बंद करो, बढ़ा किराया वापस लो। इस मांग के साथ स्वराज इंडिया के वॉलंटियर्स ने दिल्ली के Read More …

मां का महत्व भूल रहे हैं युवा वर्ग

मां का महत्व भूल रहे हैं युवा वर्ग ‘ मां शब्द एक ऐसा शब्द हैं जिसको आज तक कोइ परिभाषित नहीं कर पाया। यह शब्द अपने आप में इतना महान है कि इसके अर्थ को समझ पाना बहुत मुश्किल हैं Read More …

नारी का उत्थान: कन्या भ्रुण हत्या की जिम्मेदार औरतें

नारी का उत्थान: कन्या भ्रुण हत्या की जिम्मेदार औरतें आज समाज में नारी का महत्तवपुर्ण स्थान है , लेकिन जो उसे मिलना चाहिए, क्या समाज में उसी अवस्था में मिल रहा है । नही आज भी नारी काफी हद तक Read More …

जनता के प्रति पुलिस का व्यवहार एंव कर्तव्य

पुलिस सेवा एक ऐसी सेवा प्रदान करती है । जिससे जिन्दगी को काफी नजदीकी से देखा जा सकता है । जीवन के हर पहलू का अनुभवों के माध्यम से सभी रसो का आस्वादन किया जा सकता है । प्रेम करूणा, Read More …

न हो पर्यावरण की अनदेखी

पर्यावरण को विकृत व दूषित करने वाली समस्त स्थितियों तथा कारणों के लिए हम मानव उत्तरदायी हैं। हताशा बढ़ती जनसंख्या की आवास तथा बेकारी की समस्या को दूर करने के लिए जंगलों, हरे-भरे खेतों, बाग, बगीचों को काटा जा रहा Read More …

लाल आतंक का खूनी खेल

नक्सलियों द्वारा किए गए एक बड़े हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश के नीति-नियंता नक्सलवाद की समस्या की गंभीरता को नजरअंदाज करते रहे हैं। गौरतलब है कि सोमवार की दोपहर में छत्तीसगढ़ के सुकमा Read More …

समाज के बिना मानव का पूर्ण रूप से विकास होना सम्भव ही नहीं

समाज के बिना मानव का पूर्ण रूप से विकास होना सम्भव ही नहीं मानव एक सामाजिक प्राणी है । ‘प्राणी’ इस जगत का सर्वाधिक विकसित जीव है ओर इस समाज के बिना उसका रहना कठिन ही नहीं असंभव है । Read More …

तीन तलाक: फैसला संविधान पीठ करेगी

तीन तलाक: फैसला संविधान पीठ करेगी हमारे समाज में एक सोच बहुत ज्यादा प्रभावशाली है और वो है बिना सोचे-समझे किसी प्रथा को जन्म दे देना। संपूर्ण ज्ञान ना होते हुए भी लोग परम्पराओं को मान देने लगते हैं फिर Read More …

तमाशा बनते ‘फतवे व ‘फतवेबाज

फतवा इस्लाम धर्म से जुड़ी एक ऐसी व्यवस्था को कहा जाता है जिसमें इस्लाम धर्म का ज्ञान रखने वाले शिक्षित लोगों की एक समिति अथवा धार्मिक मामलों के जानकार यानी मुफ्ती द्वारा अपने अनुयाईयों को दिशा निर्देश जारी किया जाता Read More …