संपादकीय

लिंगायत “धर्म” -हिन्दूओं को तोड़ने की कोशिश।

लिंगायत “धर्म” -हिन्दूओं को तोड़ने की कोशिश। लिंगायत सम्प्रदाय भारत वर्ष के प्राचीनतम सनातन हिन्दू धर्म का एक हिस्सा है, भगवान शिव जो कि ब्रह्मा, विष्णु, महेश, चराचर जगत के उत्पत्ति के कारक हैं उनकी स्तुति आराधना करता है। आप अन्य शब्दों में इन्हें शैव संप्रदाय को मानने वाले अनुयायी कह सकते हैं। इस समुदाय […]

संपादकीय

लगन, दायित्व और कर्मशीलता का प्रतीक

लगन, दायित्व और कर्मशीलता का प्रतीक  नई दिल्ली। किसी व्यक्ति की सहजता, समझ और गंभीरता क्या होती है इसे परखना हो तो कल्पेश विजयवर्गीय सबसे सही व्यक्ति हैं। उनकी सौम्यता, सरलता और समाजसेवा के प्रति उनकी गंभीर लगन अद्भुत है। उनके सहज व्यवहार में उनके वे संस्कार और उनसे मिली सीख झलकती हैं, वो सीख जो उन्हें परिवार से […]

संपादकीय

पीआर 24×7 – राजनीतिक पीआर के महारथी

पीआर 24×7 – राजनीतिक पीआर के महारथी                                               अतुल मलिकराम-9755020247   भारत में राजनीतिक पब्लिक रिलेशन अगला परिवर्तन है,  सोशल और डिजिटल मीडिया के उदय से राजनीतिक पब्लिक रिलेशन को नया चेहरा दिया है, अब नए मीडिया का यह उदय वास्तविकता बन गया है, जो कुछ साल पहले असंभव सा लग रहा था | राजनीतिक […]

संपादकीय

टाइगर जिंदा है: पाक की खुफिया एजेंसी कब से हो गई भारत की मित्र

क्या अब पाक्स्तिान के विश्व कुख्यातभारत विरोधी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (आईएसआई) भारत की मित्र और शुभचिंत बन गई है? ऐसा आखिऱकार कब से हो गया? हाल ही में रीलिज हुई सलमान खानकी फिल्म ‘टाइगर जिंदा हैंÓ में आईएसआई को भारत की हमदर्द एजेंसी के रूप में जोरदार ढंग से पेश किया गया है। […]

संपादकीय समाचार

मेट्रो के बढ़े किराये और दिल्ली सरकार के ड्रामे के खिलाफ स्वराज इंडिया का मेट्रो स्टेशनों पर प्रदर्शन

मेट्रो के बढ़े किराये और दिल्ली सरकार के ड्रामे के खिलाफ स्वराज इंडिया का मेट्रो स्टेशनों पर प्रदर्शन नई दिल्ली (अजमिल)। झूठा ड्रामा बंद करो, बढ़ा किराया वापस लो। इस मांग के साथ स्वराज इंडिया के वॉलंटियर्स ने दिल्ली के विभिन्न मेट्रो स्टेशनों पर शुक्रवार को ज़ोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कीर्ति नगर, सीलमपुर, […]

संपादकीय

मां का महत्व भूल रहे हैं युवा वर्ग

मां का महत्व भूल रहे हैं युवा वर्ग ‘ मां शब्द एक ऐसा शब्द हैं जिसको आज तक कोइ परिभाषित नहीं कर पाया। यह शब्द अपने आप में इतना महान है कि इसके अर्थ को समझ पाना बहुत मुश्किल हैं फिर भी हम अक्सर इस शब्द के महत्व को भूल जाते हैं । मां का […]

संपादकीय

नारी का उत्थान: कन्या भ्रुण हत्या की जिम्मेदार औरतें

नारी का उत्थान: कन्या भ्रुण हत्या की जिम्मेदार औरतें आज समाज में नारी का महत्तवपुर्ण स्थान है , लेकिन जो उसे मिलना चाहिए, क्या समाज में उसी अवस्था में मिल रहा है । नही आज भी नारी काफी हद तक पिछडी हुई है । कहने को तो आज महिलाएं – पुरूषों  के साथ कंधा मिलाकर […]

संपादकीय

जनता के प्रति पुलिस का व्यवहार एंव कर्तव्य

पुलिस सेवा एक ऐसी सेवा प्रदान करती है । जिससे जिन्दगी को काफी नजदीकी से देखा जा सकता है । जीवन के हर पहलू का अनुभवों के माध्यम से सभी रसो का आस्वादन किया जा सकता है । प्रेम करूणा, वात्सलय, क्रुरता, निर्दयता  आदि सभी भावनाएं देखने को मिलती हैं । दुसरे षब्दों में पुलिस […]

संपादकीय

न हो पर्यावरण की अनदेखी

पर्यावरण को विकृत व दूषित करने वाली समस्त स्थितियों तथा कारणों के लिए हम मानव उत्तरदायी हैं। हताशा बढ़ती जनसंख्या की आवास तथा बेकारी की समस्या को दूर करने के लिए जंगलों, हरे-भरे खेतों, बाग, बगीचों को काटा जा रहा है। नगरों महानगरों में गंदगी का ढेर बन गया है। बड़े-बड़े कल-कारखानों की चिमनियों से […]

संपादकीय

लाल आतंक का खूनी खेल

नक्सलियों द्वारा किए गए एक बड़े हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश के नीति-नियंता नक्सलवाद की समस्या की गंभीरता को नजरअंदाज करते रहे हैं। गौरतलब है कि सोमवार की दोपहर में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ की टीम पर हमला बोल दिया, जिसमें 26 […]