59 वीं फिलिप सी जेसप्प लॉ मूट कोर्ट प्रतियोगिता न्यायाधीशों ने किया विजयी टीमों को पुरस्कृत

नोएडा। एमिटी लॉ स्कूल नोएडा एंव इंटरनेशनल लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित प्रसिद्ध 59वी फिलिप सी जेसप्प मूट कोर्ट प्रतियोगिता के इंडिया नेशनल रांउड का आज समापन हो गया। समापन समारोह में नेशनल कंपनी लॉ एपिलेट ट्रिब्यूनल के चेयरमैन एंव उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एस जे मुखोपाध्याय, दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जयंत नाथ, दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश
श्रीमती प्रतिभा एम सिंह, दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजीव सहायक एंडलॉ, द इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ के अध्यक्ष डा इ एम सुदर्शना नचिय्यपन, वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रवीन एच पारेख, इंटरनेशनल लॉ कमीशन के पूर्व चेयरमैन डा नरिंद्र सिंह, एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अषोक कुमार चौहान, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की वाइस चासंलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला एंव एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन
डा डी के बंद्योपाध्याय ने इंडिया नेशनल रांउड में विजयी होने वाली टीमों को पुरस्कृत किया।
इस प्रतियोगिता में गुजरात नेशनल लॉ यूनीवर्सीटी की टीम को प्रथम, नेशनल लॉ इंस्टीटयूट यूनीवर्सीटी भोपाल को द्वितीय, द वेस्ट बेंगाल नेषनल यूनीवर्सीटी ऑफ ज्युडिशियल सांइसेस कोलकाता को तृतीय पुरस्कार एंव नेषनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनीवर्सीटी बैंगलोर की टीम को चतुर्थ पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में विजयी यही चारों टीमें अप्रैल में वाशिंगटन मे होनें वाली फाइनल प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करेगी। इस अवसर पर 59वी शिलिप सी जेसप्प मूट कोर्ट प्रतियोगिता के इंडिया नेनल रांउड के श्री मिकेल पियेल, यूके के व्हाइट एंड केस के पार्टनर एंव पूर्व जेस्सप वल्र्ड चैपिंयन श्री दिपेन सभरवाल, एमिटी लॉ स्कूल के एडिषनल डायरेक्टर डा आदित्य तोमर एंव डा षेफाली रायजादा उपस्थित थी।
नेषनल कंपनी लॉ एपिलेट ट्रिब्यूनल के चेयरमैन एंव उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एस जे मुखोपाध्याय ने छात्रों को संबांधित करते हुए कहा कि कोर्ट में सदैव शंातचित्त, प्रकुृतिस्थ बने रहे और न्यायाधीषों को शिष्टतापूर्वक जवाब दें। उन्होनें छात्रों से कहा केस प्रस्तुती से पहले न्यायाधीशों के मूड को भांप ले और उसी के अनुरूप अपना केस प्रस्तुत करें। अपने केस की खूबियों और दूसरेे के केस की खराबियों को दर्शायें और कैप्सूल
के अनुरूप प्रस्तुत करें।
श्ल्लिी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जयंत नाथ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मूर्ट कोर्ट प्रतियोगिता आपके अंदर बहस करने एंव केस की तैयारी करने के कौशल का विकास करती है। उन्होनें कहा कि भविष्य के विधिक व्यवसायिकों को अपने कॉलेज के दिनों में मूर्ट कोर्ट प्रतियोगिताओं मे हिस्सा लेने की पहल करनी चाहिए इससे वे भविष्य के लिए तैयार होते है ।
दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमती प्रतिभा एम सिंह जो कि अपने कॉलेज दिनों में स्वंय फिलिप सी जेसप्प मूट कोर्ट प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी है ने कहा कि जेसप्प मूट कोर्ट प्रतियोगिता यात्रा में तकनीक की आधुनिकता से काफी बदलाव आया है।
जिससें प्रतिभागी बड़ी आसानी से अंर्तराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित अमेरिकी जर्नल, तैयारी के विडियो, पूर्व विजेता प्रतिभागीयों से सलाह लेकर अपने कौषल को निखार सकते है। उन्होंने युवाओं को प्रतियोगिता जीतने की सलाह देते हुए कहा जब आप मूर्ट कोर्ट सभागार मे जाये तो पूरे विवास के साथ प्रस्तुती दे और न्यायाधीषों की ऑखों मे देखकर अपनी प्रस्तुती दें। उन्होनें कहा कि कठिन मेहनत का कोई विकल्प नही है आपके पास दो से तीन माह का
समय है पूरी तैयारी मे जुट जाये। अपने प्रस्तुती के पेपरों को गलतियों से मुक्त रखें क्योकीपेपरों का आकंलन प्रतियोगिता से अलग होता है। उन्होनें विधी संस्थानों एंव विश्वविद्यालयों को मूर्ट कोर्ट फंड बनाने की सलाह दी जिससे मूर्ट कोर्ट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले छात्रों को फंड के लिए परेषान ना होना पड़े।
दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीष राजीव सहायक एंडलॉ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे बहुत ही कम छात्र है जो कॉलेज से निकल कर आते है और उन्हे पता होता है कि कैसे सीखना है। उन्होनें विधी शिक्षको से कहा कि छात्रों को सीखाये कि कैसे सीखा जाये। उन्होनें कहा कि लॉ पाठयक्रम में मनुष्य मनोविज्ञान के तत्व को जोडऩा होगा क्योकी यही एक मात्र क्षेत्र है जिसे आर्टिफिशियेल इंटेलिजेंट ने नही छुआ है। उन्होनें
छात्रों के सुखद भविष्य की कामना की।

 

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