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एमिटी विश्वविद्यालय में एमिटी सेंटर फॉर योगा एजुकेशन, थिरेपी एंव रिर्सच का उद्घाटन

एमिटी विश्वविद्यालय में एमिटी सेंटर फॉर योगा एजुकेशन, थिरेपी एंव रिर्सच का उद्घाटन

एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय उपचारात्मक योग कार्यशाला का समापन

नोएडा। छात्रों, शिक्षकों एंव कर्मचारियों को योग के लाभ की जानकारी देने एंव योग हेतु प्रोत्साहित करने के लिए एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन एंव भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के मोररजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय उपचारात्मक योग सप्ताह कार्यशाला का आज समापन हो गया। समापन समारोह में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के मोररजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक डा ईश्वर वी बासावाराड्डी, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव श्री स्वप्निल नाइक, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सलाहकार डा नवल कुमार, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ योगा एंड नैचुरोपैथी की चेयरपरसन डा मधु गुप्ता, रितनंद बलवेद एजुकेशन फांउडेशन के ट्रस्टी श्री अरूण चौहान एंव एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती द्वारा ‘‘एमिटी सेंटर फॉर योगा एजुकेशन, थिरेपी एंड रिर्सच’’ का उद्घाटन किया गया।भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सलाहकार (होम्योपैथी) डा नवल कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत को जगत गुरू के रूप में जाना जाता है क्योकि हमारी पुरानी संस्कृति एंव सभ्यता है पुरानी होने के बाद भी यह नवीन सभ्यता है। हमारी यह सभ्यता ने अपना अग्रणी स्थान हिंसा से प्राप्त नहीं किया है बल्कि पूरे विष्व को एक साथ करके किया है और यही कारण है कि लोगों ने हमे जगत गुरू के रूप में स्वीकारा है। भारत के प्रधानमंत्री के प्रयासों से मुझे अपने हिंदुस्तानी होने पर गर्व है। एमिटी ने योग को अलग प्रकार के आयाम तक पहुचाया है आने वाले समय में योग के लिए बहुत ही योग्य एंव समाचिकित्सा के शिक्षकों की आवश्कता होगी।भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के मोररजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक डा ईश्रर वी बासावाराड्डी ने संबोधित करते हुए कहा कि योग करने का मूल कारण है कि हर व्यक्ति खुश एंव स्वस्थ हो। योग को अनेक अभ्यासों से किया गया है। जीवन के हर तनाव एंव क्रोध से योग ही हमे मुक्ति दिला सकता है। मेरे लिए योगा ध्यान है, हमे योगा को तकनीक में बदलना होगा। योगा से आपके षरीर, दिमाग एंव भावनांए की नकारात्मकता दूर होती है। आयुष मंत्रालय द्वारा योग के प्रसार हेतु कार्य किया जा रहा है। एमिटी में आयोजित इस कार्यशाला से हम सभी को अवष्य लाभ होगा। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव स्वप्निल नाइक ने कहा कि योग को बढ़ावा देने के लिए एमिटी के वैज्ञानिक एंव शोधकर्ता विष्वस्तर पर काम कर रहे है। इस साल के स्वास्थय बजट में,  औषधीय प्रणाली पर अधिक दबाव दिया जा रहा है। सरकार ने कल्पना कि है कि वह 150000 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रो की स्थापना करेंगे। उन्होने कहा कि आयुष मंत्रालय वित्तीय लाभ के लिए नहीं बनाया है विश्व के लोगों को अच्छी एंव स्वास्थपूर्ण जीवनशैली की जानकारी प्रदान करके स्वस्थ रखने हेतु बनाया गया है। एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन समय सें हमारे ऋषि एंव पूर्वज योग के महत्व को जीवन में धारण करते आाये है। आधुनिक जीवनशैली एंव विकास के अंधी दौड़ ने हमारे स्वास्थय को नुकसान पहुंचाया है इसलिए योग के महत्व का समझना और जीवन में धारण करना और भी आवष्यक हो गया है। योग न केवल रोगों को दूर करता है बल्कि आपको सदैव निरोग रखने में सहायता करता है। एमिटी विश्वविद्यालय में प्रांरभ किया यह एमिटी सेंटर फॉर योगा एजुकेशन, थिरेपी एंड रिर्सच, योग शिक्षा प्रदान करने के साथ उसके प्रसार एंव शोध के अवसर प्रदान करेगा। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के हैल्थ सांइसेंस के डीन डा बी सी दास, एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के उपाध्यक्ष डा ललित कुमार भी उपस्थित थे।कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली के इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ योगा एंड नैचुरोपैथी के छात्रों ने ‘‘आर्ट ऑफ योगा’’ एंव नई दिल्ली के एनजीओ ‘‘चेजायर होम’’ के बौद्धिक रूप से विकलांग ने भी प्रस्तुती दी। इस अवसर पर एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ साइकोलॉजी एंड एलाइड सांइसेस की संयुक्त निदेशिका डा रिता कुमार ने ‘‘एमिटी सेंटर फॉर योगा एजुकेशन, थिरेपी एंड रिर्सच’ की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के निदेशक डा एस के राजपूत ने किया।

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