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एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

देशभर से जुटे वैज्ञानिक और रिसर्च स्कोलर

गुरूग्राम। दुनिया में आज के समय में सबसे जरूरी विषय पर्यावरण है, जिसका स्तर निरंतर गिर रहा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी पर्यावरण संबंधित समस्याओं पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा है, और पर्यावरण का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है। ठोस अवशेष (सोलीड वेस्ट) जिससे लैंडफिल से लाइकेन पनपते है, जो कि सीधे तौर पर बड़े गंभीर तरीके से धरती, पानी और हवा पर बड़ा बुरा असर छोड़ते है। ठोस अवशेष के कुप्रबंधन इसके सबसे अधिक जिम्मेदार है। हाल ही में हुई गाजीपुर और भलस्वा त्रासदी ने पर्यावरण पर हो रहे प्रभाव इसका ताजा उदाहरण है।

एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम में हो रहे राष्ट्रीय सम्मेलन में स्थायी ठोस अवशेष प्रबंधन (Sustainable Solid Waste Management) पर चर्चा की गई। पर्यावरण को सीधा नुकसान पहुंचाने वाले ठोस अवशेष के कुप्रबंधन को किस तरीके से निपटा जाए और जो पर्यावरण को स्वस्थ रखें, इन विषयों पर पूरे देश से आए प्रोफेसर औऱ विद्यार्थियों ने विचार विमर्श किया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो (डॉ) बी जे अलापट्ट ने अपने लेक्चर इन सर्च ऑफ ए मैनेजमेंट फॉर दि मुनिसिपिल सॉलिड वेस्ट ओफ ए सिटी लाईक दिल्ली (In search of a Management Plan for the Municipal Solid Waste of a city like Delhi) में कहा कि

हमें  दो चीजों का स्थायी ठोस अवशेष प्रबंधन  पर प्लान बनाते हुए खास ध्यान रखना होगा जो कि कामयाब होंगे। जमा कचरे को सही तरीके से इकट्ठा करना और दूसरा कचरे को इस तरीके से खत्म करना जिससे पर्यावरण को हानि ना पहुंचे। एक मिक्सड वेस्ट प्रोसेसिंग मोंटस्टर मॉडल को तैयार करना होगा जो हमारी वेस्ट मेनेजमेंट को नष्ट करने में मदद करें।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो (डॉ) पी बी शर्मा ने कहा कि भारत को स्थानीय निवासियों पर ध्यान देना होगा, औऱ पर्यावरण में रिसर्च और इनोवेशन की औऱ भी ज्यादा ध्यान देना होगा। पर्यावरण विज्ञान औऱ कचरा प्रबंधन संबंधित ज्ञान विद्यार्थियों में देना होगा, ग्रेजुएट औऱ पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों को इन विषयों पर ज्यादा से ज्यादा जागरूक करना होगा जो कि हमारे देश का भविष्य है।

मेजर जनरल वी के नारंग (रिटायर्ड), डॉयरेक्टर, एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी ने देश में बढ़ रहे गंभीर मुद्दे जैसे की मौसम बदलाव, वायु – भू और पानी प्रदुषण को रोकने की विद्यार्थियों से और ज्यादा से ज्यादा जागरूकता फैलाने की इन विषयों के प्रति अपील की ।     अंत में डॉ आर के मलिक, एचओडी, सिविल इंजीनियरिंग ने सबका धन्यवाद किया।

प्रो पद्माकली बैनर्जी, प्रो वाईस चांसलर, मेजर जनरल वी के नारंग(रिटायर्ड), मेजर जनरल पी के शर्मा (रिटायर्ड), डॉ शालिनी, डॉ प्रीती, डॉ आर के मलिक, डॉ गुंजन संजीव, डॉ नवीन बी पी, प्रो जे के मेहता, डॉ विकास मधुकर, डॉ आर के राघव, अंकित, ललित यादव, फैकल्टी स्टाफ और विद्यार्थी इस मौके पर मौजूद थे।


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