हज़रते मौला अली शेरे खुदा की विलादत के मौके पर मनाया गया जश्न

हज़रते मौला अली शेरे खुदा की विलादत के मौके पर मनाया गया जश्न

कानपुर (आजम बरकाती ) हजरते मौला अली शेरे खुदा पैगम्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के दामाद होने के साथ साथ इस्लाम के चौथे खलीफ़ा भी थे आप हज़रत सय्यदना इमामे हसन और इमामे हुसैन रजी अल्लाहु अन्हो के पिता भी हैं आप का निकाह पैगम्बरे इस्लाम की बेटी हज़रते बीबी फ़ातिमा से हुआ । यह  विचार आल इंडिया ग़रीब नवाज़ कौन्सिल एवं ख्वाजा ग़रीब नवाज़ फ़ौंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में ग़रीब नवाज़ हफ्ता का २०वाँ जश्न ए ग़रीब नवाज़ व जश्न ए हजरते मौला अली शेरे खुदा के जलसे को संबोधित करते हुए आल इंडिया ग़रीब नवाज़ कौन्सिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत (मौलना) मो. हाशिम अशरफ़ी प्रधानाचार्य अशरफुल मदारिस गद्दियाना ने 56 पार्क जूही लाल कालोनी में व्यक्त किये | श्री कहा कि हजरत ख्वाजा गरीब नवाज़ हज़रत अली कि औलाद में से हैं हजरत अली १३ रजब को खाना काबा में पैदा हुए आप पैगम्बरे इस्लाम के चचेरे भाई हैं आप हुज़ूर कि निगरानी में पले और बढ़े | आपके अन्दर ईमानदारी इंसाफ बहादुरी जैसी तमाम खूबियां मौजूद थीं| आप ने बच्चों में सब से पहले इस्लाम कुबूल किया| पैगम्बरे इस्लाम आप से बहुत मोहब्बत करते थे| पैगम्बरे इस्लाम ने फ़रमाया अली मुझ से हैं मैं अली से हूँ जिस का मै आका हूँ अली उस के आका हैं |हजरत अली बहुत बड़े इल्म वाले थे| पैगम्बरे इस्लाम ने फ़रमाया मैं इल्म का शहर हूँ और अली उस के दरवाज़ा हैं | आप के फैसले और फतवे बहुत ही अनमोल और अनोखे होते थे| जिसको पढ़ने के बाद बड़े बड़े इल्म वाले आश्चर्य चकित हो जाते थे| आप की ज़ुबान से ऐसे ऐसे अनमोल बोल निकले हैं जिनको सोने के पानी से लिखने के लायक हैं|

जैसे इल्म दौलत से बेहतर है, इल्म तेरी हिफाज़त करता है और तू दौलतकी,दौलत खर्च करने से घटता है और इल्म खर्च करने से बढ़ता है,अच्छा स्वभाव एक बेहतरीन साथी है,नैतिकता बेहतरीन विरासत है, ज़ुबान का वज़न बहुत ही हल्का होता है मगर बहुत कम लोग ही संभाल पाते हैं,सब्र एक ऐसी सवारी है जो अपने सवार को गिरने नहीं देती न किसी के क़दमों में न किसी की नज़रों से जीवन के हर मोड़ पर समझौता करना सीखो,झुकता वही है जिसमें जान होती है अकड़ना तो मुर्दे की पहचान होती है,नमाज़ के लिए सुस्ती ईमान की कमज़ोरी की निशानी है यह वह सुनहरे कथन हैं जिन का पालन करके लोग कामयाबी पा सकते हैं जलसे की निगरानी हाफिज शब्बीर अहमद बरकाती ने की | मौलाना महताब आलम मिस्बाही नगर अध्यक्ष,मो.शाह आज़म बरकाती मिडिया प्रभारी और मेहमानों का फखरुद्दीन (बाबु),  अब्दुललतीफ़, समीउद्दीन,शकील.अहमद,मो.रिज़वान ,निज़ामुद्दीन, नसीमुद्दीन, बाबु.शाकर, शराफतुल्लाह, मो.इमरान, मो.नफ़ीस ,मो.सलीम ने हार एवं फूलों से स्वागत किया और हर खासो आम को तबर्रुक तक़सीम किया | इस से पूर्व जलसे का आरंभ कुरान ए पाक से हाफिज़ मो.आसिफ ने किया संचालन शमीम अशरफ़ी ने किया नातो मन्क़बत के नज़राने कारी कलीम नूरी,शायर फतेहपुरी,ज़हीर कानपुरी ने पेश किये इस अवसर पर प्रमुख रूप से हाफिज मो.अरशद अशरफ़ी,कारी मो.अहमद अशरफी,मुख़्तार अहमद खान आदि उपस्थित थे

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