शिक्षा/टेक्नालाजी समाचार

स्कूल स्तर पर ही विज्ञान और तकनीकी विषय हिन्दी में पढ़ाये जायें: वीके शर्मा

एमिटी  में वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली पर दो दिवसीय दो राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
ग्वालियर।    एमिटी विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश में  भारत सरकार के मानव एवं संसाधन विकास मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग) द्वारा ”वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग” के सहयोग से विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी में वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस संगोष्ठी में कॉलेज और विश्वविद्यालयों के 100 से अधिक शिक्षकों प्रतिभागिता कर रहे हैं।
संगोष्ठी की शुरूआत अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ हुयी। इस अवसर पर वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार,नई दिल्ली के संगोष्ठी प्रभारी अभियंता जयसिंह रावत ने अतिथियों के स्वागत के संगोष्ठी की रुपरेखा से प्रतिभागियों को अवगत कराया।  संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग के अध्यक्ष और केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय, भारत सरकार के निदेशक प्रोफेसर अवनीश कुमार ने बताया कि किस तरह आयोग ने अपनी स्थापना के बाद तकनीकी शब्दावली के प्रचार—प्रसार के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। उन्होंने बताया कि अब लगभग 8 लाख शब्द और कई किताबों का प्रकाशन आयोग द्वारा किया जा चुका जिनको जल्द ही वेबसाइट के माध्यम से सर्वसुलभ बनाया जायेगा। जिससे हर वर्ग के लोग लाभान्वित होंगे। इसके बाद अभियंता एम.एल. मीणा, सह निदेशक एवं ब्यूरो प्रमुख वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार,नई दिल्ली ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल वीके शर्मा एवीएसएम रिटार्यड ने कहा कि सपना है कि भारत में सभी प्रकार की उच्च शिक्षा हिन्दी में हो। दुर्भाग्यवश यह इसलिए संभव नहीं क्योंकि ज्यादातर वैज्ञानिक शब्दों को हिन्दी में रूपांतरित करना संभव नहीं हैं। ज्ञात हो कि चीन और रूस में उच्च शिक्षा उनकी राष्ट्रीय भाषा में ही प्रदान की जाती है। भारतवर्ष में यह तभी संभव होगा जब स्कूलों में नवमी कक्षा के बाद तकनीकी विषय हिंन्दी में ही पढ़ायें जायें और विभिन्न राज्य सरकारें इसको ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित करें।
इस सपने को साकार करने के लिए भारत सरकार के मानव एवं संसाधन विकास मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग) द्वारा ”वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग” स्थापित किया गया है। जोकि वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य कर रहा है। चायकाल के उपरांत आयोजित किए गए तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों ने 10 शोध पत्र प्रस्तुत किए।
संगोष्ठी में सभी शिक्षकों को अंग्रेजी—हिन्दी मूलभूत शब्दावली, भौतिकी, रसायन, प्रसारण और इलेक्ट्रोनिकी शब्दावलियां प्रदान की गईं ताकि वह सब हिन्दी को प्रयोग करने में सक्षम हो सकें।संगोष्ठी के अवसर पर प्रतिकुलपति प्रोफेसर डॉ एमपी कौशिक, शोध संकायाध्यक्ष डॉ एसपी वाजपेई, मेजर जनरल एससी जैन वीएसएम रिटायर्ड एवं डॉ सुमित नरूला आदि मौजूद रहे।
————————————–
VIDEO https://you: tu.be/vQJp4p6eAsUhttps://youtu.be/vQJp4p6eAsU

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *