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सांसद रेणुका चौधरी एंव सांसद अरूण कुमार ने छात्रों को किया प्रेरित

एमिटी लॉ स्कूल नोएडा में ‘‘ सृजन – भारतीय राजनिती की उत्पत्ति’’ नामक कार्यक्रम का शुभारंभ

सांसद रेणुका चौधरी एंव सांसद अरूण कुमार ने छात्रों को किया प्रेरित

नोएडा। एमिटी लॉ स्कूल नोएडा द्वारा छात्रों को भारतीय संसद के कार्यो की जानकारी प्रदान करने एंव भारतीय राजनिती के विभिन्न मुद्दे पर कमेटियों का निर्माण कर छात्रों को उन विषयों पर षोध करके संसद के अनुसार परिचर्चा करने हेतु ‘‘सृजन – भारतीय राजनिती की उत्पत्ति’’ नामक कार्यक्रम का आयोजन एमिटी विष्वविद्यालय में किया गया। इस कार्यक्रम का षुभारंभ राज्यसभा सांसद श्रीमती रेणुका चौधरी, संासद डा अरूण कुमार, पूर्व मानव संसाधन मंत्री श्री संजय पासवान, भारतीय नेषनल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री अजय वर्मा, भारतीय जनता पार्टी की संास्कृतिक प्रमुख सुश्री रूबी यादव, दिल्ली म्यूनिसिपल कोरपोरेषन के स्टैडिंग कांउसेल श्री मुकेष गुप्ता एंव एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय ने पांरपरिक दीप जलाकर किया। इस अवसर पर एमिटी लॉ स्कूल नोएडा के एडिषनल डायरेक्टर डा षेफाली रायजादा और डा आदित्य तोमर उपस्थित थे। राज्यसभा सांसद श्रीमती रेणुका चौधरी ने एमिटी विष्वविद्यालय के बेहतरीन षिक्षण संस्थान बताते हुए एमिटी के संस्थापक डा अषोक कुमार चौहान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होनें अपने जीवन को उत्कृष्टता के लक्ष्य निर्माण मे समर्पित किया है। उन्होनें कहा कि जैसे राजनितिज्ञ, लोकतंत्र का एक स्ंतभ होते है वैसे विधी व्यवसायक भी जिनसे अपेक्षा की जाती है कि वो न्याय दिलाये और उन मुद्दों को उठाये जो देष को सही दिषा प्रदान करते है। श्रीमती चौधरी ने कहा कि राजनिती, संभावना को मुमकिन में बदलने की कला है। उन्होनें छात्रों से कहा कि अपने विधी व्यवसाय के दौरान आपके पास जो भी व्यक्ती आयेगें वो एक आषा के साथ आयेगें इसलिए आपके उपर एक बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि आप ष्वेतष्याम कानून को मानवता, सहानुभूति एंव उत्तरदायित्व में व्याख्या करें। उन्होनें तीन तलाक और बहुविवाह के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि किसी भी महिला के जीवन को असंवैधानिक तरीके जैसे एसएमएस या वॉटसअप के जरीये तलाक देना एक अमानवीय कार्य है।

उन्होनें ऑल इंडिया मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्ड का तीन तलाक बैन के विरोध पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि तलाक देने वाले व्यक्ति को 3 साल की जेल से महिला को कोई विषेष लाभ नही होगा क्योकी उनके साथ पूर्ण न्याय नही हुआ। व्यक्ती सजा काट कर आने के उपरांत और विवाह के लिए स्वच्छंद है। राजनितिज्ञों को कानून के निर्माण के समय बारिकियों पर भी ध्यान देना चाहिए।श्रीमती रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनकी तुलना सुपर्णखा से करने पर कहा कि वे षीघ्र एक केस केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू पर फाइल करेगीं क्योकी उन्होनें विडियो अपलोड करके आइपीसी सेक्षन के तहत उनका अपमान किया है। उन्होनें कहा कि उन्हें भारतीय न्यायीक प्रणाली पर पूरा विष्वास है क्योकी कानून को इस तैयार तैयार किया जाता है कि वो समाज की बड़ी नियामक षासन के लिए उपयुक्त हो और समाज का संचालन कानून के ढांचे के मध्य हो सके। उन्होनें भविष्य के विधी व्यवसायकों से कहा कि अच्छे प्रषिक्षण एंव कौषल विकास से आप अपनी छात्र दूसरे क्षेत्रों पर छोड़ जायेगें। छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि जिन लोगों को नेतृत्व करना होता है वो आसान रास्तों की तलाष नही करते।संासद डा अरूण कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में प्राचीन समय षिक्षकों ने समाज एंव राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने सदैव वसुधैव कुटुम्बकम की संस्कृति को माना है, कालखंड में परिवर्तन पहले गुलामी फिर आजादी और भौगोलिक परिवर्तन के बाद राष्ट्र निर्माण के नायक हमारे षिक्षक ही थे। चाहे राजसत्ता हो या लोकतंत्र षिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। पिछले कुछ समय में मानवता का ह्रास हुआ है आज हमें चिकित्सक, इंजिनियर से अधिक जरूरत इंसान पैदा करने की है। डा कुमार ने कहा कि इतिहास में दर्ज है जिस कालख्ंाड में षिक्षक मरता है उस वक्त राष्ट्र कमजोर हुआ है इसलिए छात्रों के भविष्य को सही दिषा षिक्षकों का मार्गदर्षन दे सकता है। उन्होनें कहा कि भारत किसी अन्य क्षेत्र. में हो या ना हो लेकिन मानवता की दृष्टि से विष्व में प्रथम पायदान पर है और मानवता को बढ़ाने पर हमारा चितंन होना चाहिए।पूर्व मानव संसाधन मंत्री श्री संजय पासवान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पृथ्वी, जनता और विष्व षंाती समस्या से ग्रस्त है और राजनिती इनका समाधान है। उन्होनें कहा कि किसी भी व्यवधान को प्रावधान, विधान या संविधान के रास्ते समाधान पर ले जाना राजनिती है। आप सब विधी के छात्र है आपसे से कल कुछ न्यायपालिका में होगंे तो कुछ संसद में होगें। आपके सामने कई चुनौतियां है जिसमें आपको सीखना होगा कि समस्या का निवारण किस प्रकार हो। हमें स्मार्ट षहरों के साथ र्स्माट गांवो की आवष्य कता भी है क्योकी आने वाले समय में छोटे षहरों एंव गांवों में असीम संभावनाये होगी। उन्होनें कहा कि आप देष का भविष्य है, पूरे मनोयोग से षिक्षा ग्रहण करें और देष विकास में सहायक बनें। भारतीय नेषनल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री अजय वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि देष की न्यायपालिक में हमारा विष्वास है। आने वाले समय में न्यायपालिका के जिम्मेदारी आप लोगों पर होगी और इसीके साथ लोगों के विष्वास को बनाये रखने की जिम्मेदारी भी आप पर होगी। श्री वर्मा ने कहा कि हर देष का वातावरण, संसाधन दूसरे देष से अलग होते है इसलिए तुलना करने की बजाय देष के विकास में सहायक बनें। एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज इस कार्यक्रम का विषय देष की वर्तमान राजनिती एंव सांसद कार्यप्रणाली पर आधारित है और कार्यक्रम में आये अतिथिगण जिन्हें राजनिती एंव संसदीय कार्यप्रणाली का बृहद अनुभव है और इस विषय पर छात्रों को बेहतरीन मार्गदर्षन प्राप्त होगा। हमारे कानून निर्माता जनभावनाओं के अनुरूप कानून का निर्माण करते है जिसका लाभ पूरे समाज के लोगो का मिलता है उस दौरान किन बातों एंव संभावनाओं का ध्यान रखा जाता है इसकी जानकारी भी आपकों प्राप्त होगी। उन्होनें छात्रों को अतिथियों के अुनभवों से प्रेरणा प्राप्त करने की सलाह भी दी। इस अवसर विभिन्न कमेटियां जैसे नेषनल हयुमन राइट्सक कमीषन, सिटिजन डॉयलाग फोरम एंव सूचना प्रसारण मंत्रालय में छात्रों ने राजनितिज्ञों की भूमिका निभाई और परिचर्चा की। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कार्यक्रम पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

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