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शिक्षा ही महिला अधिकार संरक्षण का मार्ग : ले.जनरल वी के शर्मा

ग्वालियर (सुनील गोयल) । एमिटी विश्वविद्यालय में विश्व महिला दिवस के मौके पर एमिटी के वाइस चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल वी.के.शर्मा (एवीएसएम)ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा ही महिलाओं को सामाजिक स्तर पर प्रतिष्ठित करती है इसलिए उनके पढ्ने लिखने के अधिकार का संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा मंच है, जिससे सर्वागीण विकास अर्जित कर लिंगभेद की प्रवृत्ति को समाप्त किया जा सकता है। बुधवार को एमिटी स्कूल ऑफ़ बिज़नेस  द्वारा विश्व महिला दिवस के मौके पर ‘फॉर हर,बॉय अस’ थीम के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आयोजन समन्वयक व एबीएस के निदेशक प्रो.डॉ.अनिल वशिष्ठ ने बताया कि विद्यार्थियों में जागरूकता फ़ैलाने,महिला अधिकारों का संरक्षण करने और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए हमने ‘महिलाओं के लिए, हमारे प्रयास’ मंत्र के माध्यम से एक अभियान शुरू किया है। जिसका उद्देश्य जागरूकता फैलाना और महिला शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। इस आयोजन के दौरान छात्रों ने महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने का संकल्प लिया,वहीँ छात्राओं ने भी लड़कियों और महिलाओं को न्याय दिलाने का वादा किया। खास बात यह रही कि मौके पर एमिटी की छात्राओं ने देश की दस प्रसिद्ध महिलाओं केे जीवन पर रोलप्ले प्रदर्शित किया साथ ही महिला प्राध्यापकों के लिए विविध खेल आयोजित किए गए और पुरस्कार दिए गए। इस अवसर पर उपकुलपति प्रो.(डॉ.)एम पी कौशिक, डीन अकेडमिक्स प्रो.डॉ.आर.एस. तोमर, डीन रिसर्च प्रो.डॉ.एस.पी वाजपेयी, प्रोफेसर वाई.पी सिंह, रजिस्ट्रार राजेश जैन, प्रो.डॉ.सचिन बत्रा, डॉ.इतिरॉयचौधरी, डॉ.दीपि का तोमर, डॉ.देवेन्द्र पाण्डेय सहित अन्य फैकल्टी और स्टूडेंट्स मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन डॉ मनोज पाण्डेय, डॉ त्रिप्ती त्रिपाठी और डॉ.आस्था जोशी ने किया।

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