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वाराणसी: मोदी के साथ जापानी पीएम आबे ने दशाश्वमेध घाट पर देखी गंगा आरती

वाराणसी. काशी के मशहूर दशाश्वमेध घाट पर जापान के पीएम शिंजो आबे और पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम गंगा आरती देखी। इस दौरान आबे ने अपने मोबाइल फोन से आरती की फोटो खींची। इससे पहले दोनों नेताओं ने खुद गंगा पूजा की। पूजन और गंगा आरती करीब एक घंटा चली।
मोदी-आबे के दौरे के LIVE UPDATES:
@7.10 PM
गंगा आरती के बाद आबे और मोदी होटल लौटे।
@7.00 PM
गंगा आरती खत्म। आबे और मोदी को मेमेंटो भेंट किए गए।
@6.30 PM
शिंजो आबे ने मोबाइल से गंगा आरती की फोटो खींची।
@6.18 PM
गंगा आरती में तीन डमरू, 9 ब्राह्मण और 18 देव कन्याएं शामिल हैं।
@6.17 PM
शंखनाद के साथ गंगा आरती शुरू।
@6.12 PM
शिंजे आबे और मोदी गंगा आरती देखने के लिए मंच पर मौजूद।
@6.04 PM
-दोनों ने पूजा के बाद खुद गंगा की आरती की।
@6.02 PM
-आबे और मोदी ने गंगा में जल चढ़ाया।
@5.55 PM
दशाश्वमेध घाट पर मोदी और आबे कर रहे हैं पूजा। आबे भारतीय कपड़ों में नजर आ रहे हैं।
@5.50 PM
-घाट पर मौजूद लोग लगा रहे हैं हर हर महादेव के नारे।
मोदी-आबे के गंगा आरती में शामिल होने के मायने…
– पहली बार ऐसा हुआ है जब दो प्रधानमंत्री काशी के किसी घाट पर मौजूद रहे।
– 54 साल पहले यहां क्वीन एलिजाबेथ आई थीं।
– यहां दो पीएम की मौजूदगी से वाराणसी को टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में प्रमोट करने में मदद मिलेगी।
– इससे भारतीय संस्कृति की दुनिया में शोकेसिंग में मदद मिलेगी।
दशाश्वमेध घाट की क्या है अहमियत…
– काशी में 84 घाट हैं। 16 घाट ऐसे हैं जो राजा-महाराजाओं ने बनवाए थे।
– इनमें दशाश्वमेध घाट की सबसे ज्यादा अहमियत है।
– माना जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने काशी के इसी घाट पर आकर दस अश्वमेध यज्ञ किए थे। इस वजह से इसका नाम दशाश्वमेध घाट पड़ा।
– आधुनिक इतिहास में काशी नरेश ने यहां बड़े पैमाने पर गंगा आरती शुरू कराई।
– ऐसी मान्यता है कि गंगा स्नान से ज्यादा पुण्य गंगा आरती का साक्षी बनने से मिलता है।

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