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राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के मौके पर मरीजों के लिए आगे आए चिकित्सक

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के मौके पर मरीजों के लिए आगे आए चिकित्सक
नोएडा। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (नेशनल ‘डाक्टर्स डे) के मौके पर आज चिकित्सकों ने मरीजों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की। फोर्टिस हास्पीटल के चिकित्सकों ने इस मौके पर लॉयनेस क्लब ’’सुरभि‘‘ के सहयोग से से निःशुल्क मल्टी स्पेशियलिटी हेल्थ चेकअप एवं परामर्श कैम्प आयोजित किया जिसमें चिकित्सकों ने 150 से अधिक मरीजों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की।
कैम्प के दौरान फोर्टिस हास्पीटल के आर्थोपेडिक विभाग के निदेशक एवं वरिष्ठ आर्थोपेडिक सर्जन डा. अतुल मिश्रा की टीम के अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञों एवं मेडिसीन विशेषज्ञों ने मरीजों को चिकित्सा परामर्श प्रदान किया और उनकी चिकित्सकीय समस्याओं का निवारण किया।
डा. अतुल मिश्रा ने कहा कि ”डाक्टर्स डे” हम चिकित्सकों को यह याद दिलाता है कि मरीजों की सेवा ही उनका परम कर्तव्य है और उन्हें इस कर्तव्य को हमेशा ध्यान रखना चाहिए। समाज में चिकित्सकों को भगवान का दर्जा देकर खास तौर पर सम्मान दिया जाता है और इस नाते चिकित्सकों को समाज के प्रति अपनी भूमिका का निर्वाह करने से किसी भी हालत में पीछे नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे समाज में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी है और इसके कारण आज कई बीमारियां बढ़ रही है। जानकारियों के अभाव में लोग अपनी बीमारी की या तो पहचान नहीं पाते या अपनी बीमारी अनदेखी करते हैं जिसके कारण उनकी बीमारी इस कदर बढ़ जाती है कि इलाज मुश्किल हो जाता है। अगर लोग सही समय पर अपनी बीमारी पहचान लें और सही समय पर चिकित्सक के पास आएं तो बड़ी से बड़ी बीमारी का भी इलाज किया जा सकता है।
इस कैम्प को सफल बनाने में लायनेस क्लब ‘सुरभि’ की सदस्यों ने सक्रिय रूप से योगदान किया जिनमें सुरभि की संस्थापक अध्यक्ष राज गिरिडियाल, वर्तमान अध्यक्ष ममता मल्होत्रा, पूर्व अध्यक्ष कल्पना मिश्रा, वरिष्ठ अध्यक्ष कुमकुम मुखारिया के अलावा सुश्री डॉली रस्तोगी और श्रीमती ममता अग्रवाल प्रमुख हैं। 
डा. अतुल मिश्रा ने जोड़ों की समस्याओं से ग्रस्त को सलाह दी कि उन्हें अपने वजन पर नियंत्रण रखना चाहिए, जोड़ों में दर्द होने पर जल्द से जल्द चिकित्सक को दिखाना चाहिए और दर्द निवारक गोलियों का अंधाधुंध सेवन करने से बचना चाहिए। उन्होंने नियमित तौर पर व्यायाम करने और सब्जियों एवं फलों से भरपूर सेहतमंद आहार लेने तथा फास्ट फूड से पूरी तरह से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हमारे देश में जोड़ों में दर्द एवं आर्थराइटिस जैसी समस्याओं से पीड़ित लोग चिकित्सक के पास जाने के बजाय स्टेरॉयड एवं अन्य दर्द निवारक दवाइयां लेकर अपनी समस्या को और बढ़ा लेते हैं।
उन्होंने अधिक उम्र के लोगों को सलाह दी कि ‘‘अधिक उम्र के लोगों को लंबे समय तक पैरों को एक दूसरे पर रख कर नहीं बैठना चाहिये क्योंकि ऐसा करने से घुटनों पर दबाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि पिछले पांच वर्षों में 30 से 40 वर्ष के आयु वर्ग में आर्थराइटिस मरीजों की संख्या में 100 प्रतिशत इजाफा हुआ है। इस आयु वर्ग के लोग नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते हैं और अनेक मामलों में लोग मोटापे से ग्रस्त होते हैं।
उन्होंने ने कहा कि आज के समय में 30 वर्ष के आयु वर्ग के जो लोग तनावपूर्ण जीवन जीते हैं और लबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं उन्हें जोड़ों में सूजन एवं दर्द होने की आशंका अधिक होती है।
उन्होंने कहा कि जीवन प्रत्याशा में वृद्धि, आराम तलब जीवन शैली को अपनाने और मोटापा के मामलों में वृद्धि के कारण, भारत में हड्डी की समस्याओं में तेजी से वृद्धि हो रही है।
गौरतलब है कि आज के दिन – एक जुलाई को पूरे देश में डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। भारत के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ बिधानचंद्र रॉय को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर इसे मनाया जाता है।

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