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राम लीला : प्रकट हुई अहल्या देवी

ramlilaराम लीला : प्रकट हुई अहल्या देवी

नोएडा। नोएडा स्टेडियम में आयोजित श्रीराम मित्र मंडल की रामलीला में सोमवार को अहल्या उद्धार हुआ। जनकपुर में धनुष यज्ञ की बात सुनकर प्रभु श्रीराम विश्वामित्र मुनि के साथ जाते हैं। रास्ते में उन्हें एक आश्रम दिखाई देता है, जिसमें पशु-पक्षी नहीं थे। भगवान राम एक शिला को देखकर विश्वामित्र से उसके बारे में पूछते हैं। उनसे कहानी सुनने के बाद श्रीराम अपने पवित्र चरणों से शिला को स्पर्श करते हैं और अहल्या देवी प्रकट होकर उनके पैरों में लिपट जाती हैं।  अगले दृश्य में मुनि विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण गंगा तट तक पहुंचते हैं। फिर उनके जनकपुर जाने, राजा जनक की ओर से उनका स्वागत करने, लक्ष्मण के जनकपुर देखने, बगीचे में अचानक श्रीराम-सीता की मुलाकात होने और जनकपुर वासियों की ओर से दोनों भाइयों का स्वागत करने के प्रसंग का मंचन हुआ।
राजा जनक को मिलीं सीता
उधर, सेक्टर-12 स्थित श्री बजरंग रामलीला संचालिका समिति में तीसरे दिन की शुरुआत श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म के साथ होती है। चारों भाइयों के जन्म पर अयोध्यावासी जश्न मनाते हैं। दूसरी ओर, जनकपुर में हल चलाते वक्त राजा जनक को मटके में माता सीता मिलती हैं। महर्षि वशिष्ठ चारों भाइयों को आश्रम में ले जाकर शिक्षा-दीक्षा प्रदान करते हैं। उनके अयोध्या वापस लौटने पर महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से बचाव के लिए राम-लक्ष्मण को अपने साथ वन में ले जाते हैं। इसके बाद ताड़का वध के दृश्य के साथ लीला खत्म हुई।
शहर में मंचन पूजन के साथ सोमवार को रामलीला की शुरुआत हो गई। साइट-4 में श्री रामलीला कमिटी की ओर से कराई जा रही लीला नारद मोह से शुरू हुई।  नारद मुनि की तपस्या को देखकर इंद्रदेव भयभीत हो जाते हैं और तपस्या भंग करने के लिए कामदेव को भेजते हैं। नारद मुनि कामदेव को शाप दे देते हैं और इसके बाद नगर भ्रमण के दौरान मोहिनी नाम की राजकुमारी के स्वयंवर के लिए भगवान विष्णु से हरि का रूप मांगते है। भगवान उन्हें वानर का रूप प्रदान कर देते है। स्वयंवर में नारद को देखकर गरुण उनका मजाक उड़ाते हैं। इस पर नारद उन्हें भी शाप दे देते हैं। इसके बाद भगवान विष्णु नारद की शंका दूर करते हैं। इसके अलावा रावण के अत्याचार और इंद्र व पवन देव समेत सभी देवताओं को बंदी बनाने की लीला का मंचन हुआ।


वहीं, पाई-1 सेक्टर में श्री धार्मिक रामलीला कमिटी की तरफ से शिव लीला से रामलीला की शुरुआत की गई। यहां लाइट एंड साउंड सिस्टम के जरिये दिखाया गया कि भगवान शिव शिवलिंग से प्रकट होते हैं। शिव-पार्वती विवाह से नारद मोह लीला तक का मंचन हुआ।
ग्रेनो : सूरजपुर में चल रही श्री आदर्श रामलीला में धुनष यज्ञ से लीला का मंचन शुरू हुआ। सीता स्वयंवर में जयमाला का दृश्य दर्शकों को खूब भाया। सोमवार को राम-रावण संवाद, लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन किया गया।
ग्रेनो साइट-4 में होने वाली रामलीला की सुरक्षा में इस बार सिक्युरिटी गार्ड और सीसीटीवी कैमरों के साथ बाउंसर भी लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम से पूरे रामलीला ग्राउंड पर नजर रखी जा रही है। श्री रामलीला कमिटी के अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह ने बताया कि रामलीला ग्राउंड पर 6 एंट्री गेट बनाए गए हैं। हर गेट पर कैमरा लगा है। पूरे ग्राउंड को 15 से अधिक कैमरों के जरिये कवर किया गया है। 70 सिक्युरिटी गार्ड के साथ 15 बाउंसर लगाए गए हैं। पाई-1 सेक्टर स्थित श्री धार्मिक रामलीला के संस्थापक सुशील जी महाराज ने बताया कि दर्शकों की सुविधा के लिए 4 एंट्री गेट बनाए गए हैं। यहां सुरक्षा में 40 गार्ड और 12 बाउंसर तैनात हैं।

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