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मुलजिमों को मिले सजा – मौलाना मो.हाशिम अशर

कानपुर (आजम बरकाती)।  अल्लाह पाक कुरान पाक में इरशाद फरमाता है जिना ( बलात्कार ) के क़रीब न जाओ कि वह बे हयाई और बुरी राह है दूसरी जगह अल्लाह पाक इरशाद फरमाता है औरत जानिया और मर्द जानी उन में से हर एक को सौ सौ कोड़े मारो और तुम्हें उनपर तरस ना आए शरई हुक्म यह है कि मर्द को कोड़े लगाने के समय खड़ा किया जाये और खड़ा न हो तो खंभे से बांधकर या पकड़ कर कोड़े मारे जाएँ और उसके तमाम कपड़े उतार दिए जाएँ सिवाए तहबन्द के | और उसके तमाम बदन पर कोड़े लगाये जाएँ सिवाए सर , चेहरा और शर्मगाह के | उक्त बयान अंजुमन मुहिबबान ए हुसैन कमेटी के तत्वाधान में आयोजित जशने ईद मेराजुन्नबी के जलसे को संबोधित करते हुए आल इण्डिया ग़रीब नवाज़ कौन्सिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत (मौलाना) मो.हाशिम अशरफ़ी ने व्यक्त किये |

श्री अशरफ़ी ने भारत में कठुआ समेत दर्जनों स्थानों पर हो रहे बलात्कार जैसी घटनाओं की सख्त निंदा करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में जबकि बलात्कार एवं क़त्ल के वाकियात में लगातार इज़ाफा होता जा रहा है जिस से पूरा देश बे चैन व बे करार है और हर भारतीय सुरक्षा को लेकर भयभीत है और इन वाकियात को लेकर पूरी दुनिया में जो जग हंसाई हो रही है उस ने हर भारतीय के दिल व दिमाग को झंझोड़ कर रख दिया है |लिहाज़ा समय रहते अगर इन बुरे कार्यों पर सख्त करवाई न की गयी और मुलजिमों को इन्साफ के कटघरे में लाकर उन्हें दर्दनाक सजा न दी गयी तो मुल्क के स्वच्छ समाज को तबाही से कोई न रोक पायेगा |मुल्क की सलामती , भलाई और घिनौने और बुरे कार्यों से रोकने के लिये ज़रूरी है कि कुरान के कानून पर अमल किया जाये क्योंकि कुरान ने बदकारियो की सजा बहुत ही इबरतनाक तय की है | श्री अशरफ़ी ने हुकूमते हिन्द से पुर जोर अपील की है कि भारत में रहने वाली तमाम माँ , बहन , बहु ,बेटियों कि इज्ज़त व अस्मत कि हिफाज़त पर खास तवज्जो करे और मुल्क में बलात्कार जैसे जुर्म की सजा वही तय की जाये जिस को कुरान ने बयांन किया है |जलसे कि अध्यक्षता मौलाना तय्यब अली इमाम छोटी मस्जिद ग्वालटोली ने की | इस से पूर्व जलसे का आरंभ तिलावते कुरान पाक से कारी अब्दुर्रहमान ने किया ,नातिया कलाम समी फ़राज़ , कलाम वारसी, चमन कानपुरी,कारी मो. अहमद अशरफ़ी ने पेश किये संचालन हाफिज मो. अरशद अशरफ़ी ने किया इस अवसर प्रमुख रूप से मो.शाह आज़म बरकाती,हाफिज अब्दुर्रहीम बहरैची , अब्दुल्लाह उर्फ़ रानू,मो.शकील,मो.कलीम,लईक अहमद,करीम अहमद उपस्थित थे सलातो सलाम और मुल्क में खुशहाली और अमनो अमान की दुआओं के साथ जलसे का समापन हुआ

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