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मिटी लॉ स्कूल एवं पिपरडाइन वि.वि. के मध्य स्टूडेन्ट-टीचर एक्स्चेंज समझौताः एमओयू साइन

मिटी लॉ स्कूल एवं पिपरडाइन वि.वि. के मध्य स्टूडेन्ट-टीचर एक्स्चेंज समझौताः एमओयू साइन

ग्वालियर (vtn)। विधि के छात्रों के लिये माध्यस्थम एक प्रभावी कैरियर विकल्प हो सकता है। वर्तमान वैष्वीकरण के दौर में बहुराष्ट्रीय कम्पनियां अदालतों के बाहर विवादों का वैकल्पिक निराकरण माध्यस्थम के द्धारा करने पर जोर दे रही हैं और उनके व्यवसायिक अनुबंधों में आर्बिट्रेषन एवं मीडियेषन क्लाॅज रखे जा रहे हैं। यह बात विधि के छात्रों को विवादों के वैकल्पिक निराकरण हेतु दुनिया भर में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं एवं तकनीकों से अवगत कराते हुये स्ट्राॅस इन्स्टीट्यूट आॅफ डिस्प्यूट रिजोल्यूषनपिपरडाइन यूनिवर्सिटीए कैलिफोर्नियायू.एस.ए. के प्रबन्ध निदेषक प्रो. सुखसिमरनजीत सिंह ने एमिटी विष्वविद्यालय के एमिटी लाॅ स्कूल में उनके साथ चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक विवाद निराकरण बढ़ते मुकद्दमों के ढेर को कम करने में सहायक हो सकता है एवं वैष्विक स्तर पर वैकल्पिक विवाद निराकरण विधि की महत्वपूर्ण विद्या के रुप में प्रतिष्ठित हो चुका है।प्रो. सुखसिमरनजीत सिंह वैकल्पिक विवाद निराकरण विधि के अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विषेषज्ञ हैं जो 17 देषों में उक्त विषय पर न्यायाधीषोंअधिवक्ताओंषिक्षाविद्ों एवं विद्यार्थियों को प्रषिक्षण दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त प्रो. सिंह विष्व के अनेक विष्वविद्यालयों सहित भारत के कई राष्ट्रीय विधि विष्वविद्यालयों में विजिटिंग प्रोफेसर के रुप में अपनी सेवायें दे रहे है।एमिटी विष्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टि. जन. वी.के. शर्मा ने विधि के छात्रों को माध्यस्थम को कैरियर के महत्वपूर्ण विकल्प के रुप में महत्वपूर्ण बताया और इस दिषा में प्रो. सुखसिमरनजीत सिंह द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर इस अवसर पर अमरीका के कैलिफोर्निया के पिपरडाइन विष्वविद्यालय के स्ट्राॅस इन्स्टीट्यूट आॅफ डिस्प्यूट रिजोल्यूषन एवं एमिटी लाॅ स्कूल के मध्य एक एम.ओ.यू. पर भी हस्ताक्षर हुये। इस समझौते के अनुसार एमिटी विष्वविद्यालय के विधि के छात्र पिपरडाइन विष्वविद्यालय में जाकर अध्ययन कर सकेंगे जिसके लिये उन्हें पिपरडाइन विष्वविद्यालय छात्रवृत्ति भी देगा। इसके अतिरिक्त दोनों विष्वविद्यालय के विधि के प्राध्यापक एकदूसरे के विष्वविद्यालय के रिसर्च कार्यों में भी सहयोग करे्गे। साथ ही शैक्षणिक गतिविधियों में दोनों विष्वविद्यालय के विधि विभाग मिलजुलकर कार्य करेंगे। कार्यक्रम में आभार प्रदर्षन एमिटी लाॅ स्कूल के निदेषक मेजर जनरल राजिन्दर कुमार ने किया।इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश के उपकुलपति प्रो डॉ एमपी कौशिकरजिस्ट्रार श्री राजेश जैन सहित सभी विभागाअध्य्क्षप्राध्यापकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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