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मतदाता सूची में जानबूझकर अल्पसंख्यों का नाम शामिल न किए जाने का आरोप

मतदाता सूची में जानबूझकर अल्पसंख्यों का नाम शामिल न किए जाने का आरोप
नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर के ब्रहम पूरी क्षेत्र में कई लोगों को वोटरआई डी जारी नहीं किए गए हैं, जिसकी वजह से स्थानीय लोग मताधिकारी से वंचित हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब भी यहां के लोग मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए जाते हैं, उन्हें यह कहकर बैरंग लौटा दिया जाता है कि जिस क्षेत्र में वे रहते हैं वहां उन्हें अभी तक नगर निगम प्रशासन की ओर से घर नंबर जारी नहीं किया गया है।
मतदाता पहचानपत्र को पहचान के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज का दर्जा प्राप्त है। इसके जरिए मतदाता जहां एक ओर अपनी पसंद की सरकार बना सकते हैं, वहीं दूसरी ओर देश के नागरिक होने का सबूत के तौर पर भी पेश कर सकते हैं। नांदेड़ के कई अल्पसंख्यक बस्तियों में लोगों को मतदाता पहचानपत्र प्रदान नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
इटीवी के अनुसार, इन दिनों निकाय चुनावों की तैयारियां बड़े पैमाने पर जारी है। जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची सेटिंग का काम शुरू कर दिया है। शहर में जगह-जगह काउंटर लगाकर 18 साल की उम्र को होने वाले लोगों का नाम सूची में दर्ज किया जा रहा है। इसी तरह जिन के नाम और पते में कोई बदलाव करना है, तो यह सुधार का भी काम किया जा रहा है। अभियान से जागरूक होकर जब लोग मतदाता आईडी कार्ड लिये संबंधित कार्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें खाली हाथ ही लौटा दिया जाता है। लोगों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर मताधिकार से वंचित रखने की कोशिश की जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद गौस का कहना है कि एक तरफ सरकार की ओर से बार-बार यह कहा जा रहा है कि देश के हर नागरिक को अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहिए, और इसके लिए शहर भर में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर जो लोग मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना चाहते हैं, उनकी समस्याओं को हल करने में कोई रुचि नहीं ली जा रही है।

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