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भारत एवं विश्व व्यापार संगठन का एमिटी इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल में आयोजन

भारत एवं विश्व व्यापार संगठन का एमिटी इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल में आयोजन
नोएडा। एमिटी इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल नौएडा उद्योग जगत व छात्रों को एक मंच पर लाने व उनमें परस्पर संवाद कायम करने के लिए सीईओ फॉरम नाम से एक शंखला प्रारंभ कर रहा है जिसमें  विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमी गोष्ठी, व्याख्यान आदि करते है।
सीईओ फॉरम के प्रथम आयोजन के अंतर्गत आज पीएचडी चैम्बर आॅफ कॉमर्स के सहयोग से भारत एवं विश्व व्यापार संगठन। भारत में अवसर, संभावनाएं व चुनौतियों विषय पर गोष्ठी का आयोजन आई 2 ब्लॉक सभागार एमिटी विश्वविद्यालय सैक्टर 125 में किया गया। समारोह का उदघाटन शी सुधांषु पांडे, जाइंट सेक्रेटरी, वाणिज्य मंत्रालय, शी विवेक सेगल, डायरेक्टर, पीएचडी चैम्बर आॅफ कॉमर्स, शी वीके मिशा, एक्जीक्यूटिव वाईस चैयरमेन, इंडिया चाईना ट्रेड सैंटर, प्रो डा गुरिंदर सिंह, ग्रुप वाईस चांस्लर एमिटी विश्वविद्यालय व डायरेक्टर जनरल एमिटी इंटरनेश्नल बिजनेस स्कूल ने दीप प्रज्जवलित करके किया।
शी सुधांषु पांडे, जाइंट सेक्रेटरी, वाणिज्य मंत्रालय ने कहा विश्व व्यापार संगठन का गठन द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद औपनिवेषिक व्यापार प्रणाली को समाप्त करके नियम आधारित मुक्त व्यापार को प्रारंभ करने के लिए किया गया था। यह एक मात्र ऐसा संगठन है जिसके नियमों की कानूनी बाद्धता है। डब्लूटीओ में 164 सदस्य देश विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करते है। छात्रों को संबोधित करते हुए शी पांडे ने कहा कि जीवन में सफलता के तीन कारक है। बेहतरीन मानव प्रबंधक, बेहतरीन वक्ता तथा बेहतरीन उजार्वान।
प्रो डा गुरिंदर सिंह, ग्रुप वाईस चांस्लर, एमिटी विश्वविद्यालय ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा प्रत्येक सप्ताह उद्योग जगत के नामचीन एमिटी इंटरनेशानल बिजनेस स्कूल में आकर छात्रों से वार्ता करते है तथा अपने अनुभव से प्रबंधन के पाठ पढाते है। सीईओ फॉरम एक एसी पहल है जिसमें प्रमुख उद्योगों के सीईओ अनेक समकालीन मुद्धों पर वार्ता करते है। प्रो सिंह ने कहा कि ज्ञान ही किसी विश्वविद्यालय की रीढ होती है तथा केवल किताबी बातों से ज्ञान नहीं बढ़ता बल्कि अनुभवी लोगों को सुनने से ही ज्ञानवृद्धि होती है।
इस अवसर पर एमिटी इंडिया चाईना ट्रेड सैंटर आॅफ एक्सीलेंस का भी उदघाटन हुआ जिसके अंतर्गत शी वीके मिशा, एक्जीक्यूटिव वाईस चैयरमेन, इंडिया चाईना ट्रेड सैंटर तथा प्रो डा गुरिंदर सिंह ने समजौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।
उदघाटन सत्र के पश्चात भारत एवं विश्व व्यापार संगठन भारत में अवसर संभावनएं व चुनौतियों विषय पर विशेष परिचर्चा सत्र का आयोजन हुआ। सत्र की अध्यक्षता शी विवेक सेगल, डायरेक्टर, पीएचडी चैम्बर आॅफ कॉमर्स ने की तथा इस सत्र में डा के एस करदम, सीनियर जॉएंट कंट्रोलर आॅफ पेटेंटस एंड डिजाइन, शी वीके मिशा, एक्जीक्यूटिव वाईस चैयरमेन इंडिया चाईना ट्रेड सैंटर, सुशी नीतू किशोर, सीईओ टेक्नोवेश सर्विसेज, शी आशुतोष गुप्ता, चैयरमेन, फार्मेक्सिल व डायरेक्टर मेडीकामेन बायोटेक लिमिटेड, शी राजदीप सेहरावत, हैड इंटरनेशनल बिजनेस, टीसीएस, शी संजय कुमार, रीजनल डायरेक्टर, काउंसिल फॉर लेदर एक्पोर्टस एवं शी आर पी जालानी, पूर्व चैयरमेन ईईपीसी ने विचार व्यक्त किए।
शी विवेक सेगल डायरेक्टर पीएचडी चैम्बर आॅफ कॉमर्स ने बताया कि इंडस्ट्री चैम्बर की भूमिका सरकार इंडस्ट्री तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के मध्य सेतु का है। सरकार के हर नीतिगत निर्णय को उद्योग जगत तक तथा उनकी प्रतिक्रियाओं को सरकार तक पहुंचानें में अहम भूमिका निभाते है। शी वीके मिशा ने भारत चीन व्यापार पर प्रकाश डाला। शी मिशा ने कहा कि साल 2003 से दोनो देशों के मध्य व्यापार तेजी से बढ रहा है तथा वर्तमान में यह 70 बीलियन डॉलर है। प्रधानमंत्रीजी इसको अगले कुछ वर्षों में 200 बीलियन डॉलर तक देखना चाहते है।
इस अवसर पर एमिटी एक्सपोर्ट एक्सीलेंस अवार्ड शी राजदीप सेहरावत, हैड इंटरनेषनल बिजनेस, टीसीएस, शी आर के शर्मा, एग्जीक्यटिव डायरेक्टर, पीसी जूलर्स, शी तफसीर अहमद, सीएमडी, द किंग्स, शी अभय गुप्ता, सीईओ नान्या, शी हरप्रीत पसरीचा, प्रोएक्टिव डेटा सिस्टम, शी शारीक, देकी इलेक्ट्रेनिक्स, शी संदीप अग्रवाल, आल्प्स इंटरनेषल को दिए गए।

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