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भारतीय संस्कृति, शिक्षा एंव उद्योगों को समझने के लिए एमिटी पहुंचे यूके के 11 छात्र

भारतीय संस्कृति, शिक्षा एंव उद्योगों को समझने के लिए एमिटी पहुंचे यूके के 11 छात्र
नोएडा (अनिल दुबे)। एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत यूके के ब्रनुएल विश्वविद्यालय एंव केंट विश्वविद्यालय के प्रबंधन  पाठयक्रमों  के 11 छात्रों ने मंगलवार को एमिटी  विश्वविद्यालय  का  दौरा  किया। एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा एमिटी इंडिया इर्मशन प्रोग्राम नामक दो सप्ताह का कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। जिसके तहत  यूके के छात्रों को वर्तमान शिक्षा पद्धती, शिक्षा के अवसर, भारतीय अर्थव्यवस्था, व्यापार के अवसर, भारत की विज्ञान एंव तकनीकी, सहित भारतीय संस्कृति एंव सभ्यता और उद्योगो के संर्दभ मे जानकारी प्रदान की जायेगी। इस कार्यक्रम का शुभारंभ एमिटी विश्वविद्यालय के गु्रप वाइस  चांसलर डा गुरिंदर सिंह एंव यूके के छात्रो के साथ आये इंटरनशनल स्ट्रैटजी मैनेजर लियना शी, कॉलजे आॅफ बिजनेस, आर्ट एंव सोशियल सांइस के वाइस डीन डा सीन होल्मस ने पांरपरिक दीप जलाकर किया। एमिटी इंडिया इर्मशन प्रोग्राम में बु्रनएल विश्वविद्यालय से आठ छात्रों कानोलिना, सुरी लोनेला,  पिउस बागुमा, पार्थ, जार्ज एंव अक्षय) एंव केंट विश्वविद्यालय के तीन छात्रों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर एमिटी इंटरनेशनल अफेयर डिविजन के डा मनोज षर्मा एंव विंग कमांडर एस के गोयल भी उपस्थित थे। यूके के ब्रनुएल विश्वविद्यालय के कॉलेज आॅफ बिजनेस, आर्ट एंव सोशियल सांइस के वाइस  डीन डा सीन होल्मस ने कहा कि एमिटी  विश्वविद्यालय भारत का बेहतरीन विश्वविद्यालय  है जो अन्य  देषों के विश्वविद्यालय  के साथ अंर्तराष्ट्रीयकरण  एंव सक्रिय सहभागिता पर ध्यान केन्द्रित करता है। शिक्षा वैष्विक स्तर पर बढ़ रही है एंव सीमाये समाप्त हो रही है ऐसे मे आपसी संस्कृति को समझने हेतु एक देश के विश्वविद्यालय का दूसरे देष के विश्वविद्यालयों के छात्रों से मिलना आवश्यक हो गया है। इसी के अंर्तगत यूके के छात्रों को भारतीय संस्कृति, शिक्षा एंव उद्योगो को जानने का अवसर मिला है। हमें एमिटी से जुड़ कर बेहद खुशी है। उन्होनें कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हो रही
है जिसका प्रभाव विष्व पर भी पड़ रहा है इसलिए छात्रों को भारतीय अर्थव्यवस्था, व्यापार की जानकारी प्रदान की जा रही है। यूके के ब्रनुएल विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल स्ट्रैटजी मैनेजर लियना शी ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप एमिटी की अतिथि  सेवा का आनंद ले और बातचीत के जरिए यहां की संस्कृती को समझे अपनी संस्कृति समझायें। अपने भारतीय मित्रों को अपनी संस्कृति के बारे मे बतायें। अंर्तसांस्कतिक कार्यक्रम के तहत दोनो विश्वविद्यालय के छात्रों को अवष्य लाभ प्राप्त होगा। एमिटी विश्वविद्यालय के गु्रप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस दो सप्ताह के कार्यक्रम मे आपको न केवल एमिटी विश्वविद्यालय में संचालित किये जा रहे पाठयक्रमों बल्कि भारतीय संस्कृति, खान पान, अतिथि सेवा एंव उद्योगों से परिचय करवाया जायेगा। जिससे आपको यूके पद्धती एंव भारतीय न पद्धती के व्यवसाय के तरीकों के अंतर को समझने मे आसानी होगी। डा सिह ने छात्रों से कहा कि जीवन को जीने के लिए खुशी बेहद जरूरी है और खुशी केवल तभी प्राप्त हो सकती है जब मंगलवार अपने जीवन के लक्ष्य को समझे और उसे संतुष्टि महसूस करें। तो अगर आप सभी छात्र यहां पर है तो खुषी के महसूस करे साथ ही ज्ञान को भी प्राप्त करें। इस दो सप्ताह के कार्यक्रम के तहत छात्र भारतीय उद्योगो, प्रयोगषालाओं का दौरा करेगें और सांस्कृतिक धरोहरों  को देखने आगरा  एंव  जयपुर भी जायेगे  और उनके  लिए संस्कृति, व्यापार, जनसंचार, भारत में पत्रकारिता, साइकोलॉजी की जानकारी हेतु विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान सत्रों का आयोजन भी किया जायेगा।

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