बेजुबान जानवरों के कातिलों को सजा देकर अदालत के फैसले से साबित हो चुका है कि फसादात में बेगुनाहों के कातिलों को हरगिज माफ नहीं किया जायेगा

बेजुबान जानवरों के कातिलों को सजा देकर अदालत के फैसले से साबित हो चुका है कि फसादात में बेगुनाहों के कातिलों को हरगिज माफ नहीं किया जायेगा
चौबेपुर में आयोजित उर्स हजरत सैयद हिदायत अली आजाद शाह रह. से मौलाना मोहम्मद हाशिम अशिरफी का सम्बोधन
हजरत आजाद षाह का कुल शरीफ आज

कानपुर। खूंरेजी, कत्ल व गारतगरी एक बहुत ही संगीन जुर्म है। इस से पूरा समाज खराब हो जाता है। अमन व चैन खत्म हो जाता है, हर तरफ भय पैदा हो जाता है। लोग डर -डर के जीते हैं। इस्लाम में नाहक कत्ल करने को बहुत बड़ा गुनाह करार दिया गया है और कातिल को बदला के तौर पर कत्ल करने का हुक्म भी दिया गया है। हदीस पाक में आया है जिसका अर्थ यह है कि एक बेगुनाह का कत्ल पूरी इन्सानियत का कत्ल है। कातिल जब तक कत्ल करता है, तो उसका ईमान उससे निकल जाता है। कातिलो के दुनिया व आखिरत दोनों के लिए रुसवाई है। उनका ठिकाना जहन्नम है। उक्त विचार सर्व धर्म एकता का प्रतीक कमेटी के तत्वावधान में आयोजित 79वें उर्से पाक हजरत सैयदना हिदायत अली आजाद षाह रह. मरियानी जीटी रोड चौबेपुर कानपुर में आल इंडिया गरीब नवाज कौंसिल के राश्ट्रीय अध्यक्ष गाजी-ए-इस्लाम हजरत मौलाना मोहम्मद हाशिम अशिरफी प्रधानाचार्य मदरसा असरफुल मदारिस गदियाना व इमाम ईदगाह गदियाना ने व्यक्त किये। श्री अशरफी ने कहा कि बेजबान जानवरों के कातिलों को सजा देकर अदालत के फैसले से साबित हो चुका है कि अब फसादात में बेगुनाहों के कातिलों को हरगिज माफ नहीं किया जायेगा। हुकूमत को चाहिये फसादात में मारे गये बेगुनाहों के कातिलों के मुकदमात को जल्द निपटा कर उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाये और मरने वालों के घर वालों में से किसी एक को सरकारी नौकरी देकर उन्हें खुशहाल जिन्दगी गुजारने का मौका दिया जाये। जिसके सबब कातिल और जालिम को जिन्दगी भर पछतावा होता रहे।
मालूम हो कि इस्लाम ने बेजुबान जानवरों पर भी रहम करने का हुक्म दिया है। बिना जरूरत किसी जानवर को कत्ल करने को बड़ा गुनाह बताया है। इसी तरह जानवरों के साथ भी अच्छा बर्ताव रखने से सवाब (पुण्य) मिलता है। जानवरों के मुंह पर मारने, उन पर दाग देने और उनके किसी जिस्म के हिस्से कान, दुम आदि काटने और तफरीह की नियत से जानवरों को आपस में लड़ाने से मना फरमाया है कि इससे जानवर बेफायदा घायल होते हैं और उनको तकलीफ पहुंचती है। लिहाजा हमें जानवरों के साथ नरमी करनी चाहिये, उनको सायादार जगह में बांधे, वक्त पर खाना पानी देते रहें और खुले जानवरों के लिये भी पानी का इंतेजाम करें। मौलाना अशरफी ने कहा कि हमारे मुल्क में काले हिरन को इंसाफ मिला है तो हम उम्मीद करते हैं कि अखलाक, नजीब, पहलू खां और हाफिज जुनैद को भी इंसाफ मिलेगा।

इससे पूर्व हजरत मौलाना मोहम्मद आलम रजा खां नूरी ने भी जलसे को सम्बोधित किया। इससे पूर्व जलसे की शुरूआत तिलावते कुराने पाक से मौलाना मोहम्मद अनवार आलम खतीब व इमाम जामा मस्जिद चौबेपुर में की और बारगाहे रिसालत में यूसुफ रजा कानपुरी, हाफिज अनवर अली ने नात शरीफ का नजराना पेश किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से आल इंडिया गरीब नवाज के राश्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद षाह आजम बरकाती, सैयद फिरदौसुरहमान वारसी, सैयद मोहम्मद नूरुद्दीन, अजहर अली (मुन्ना भइया, पूर्व प्रधान), सैयद मोहम्मद हनीफ, सैयद मोहम्मद ताजुद्दीन, सैयद सलाहुद्दीन वगैरह मौजूद रहे।
जलसा सलातो सलाम और मुल्क में अमन व चैन, खुषहाली व तरक्की की दुआ के साथ सम्पन्न हुआ और अन्त में लंगर का भी बन्दोबस्त किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *