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बाराही मेला भारत की अलग अलग संस्कृति और सभ्यताओं का है अनूठा संगम

बाराही मेला भारत की अलग अलग संस्कृति और सभ्यताओं का है अनूठा संगम

गौतमबुद्ध नगर (अजमिल विशारद)। सूरजपुर में चल रहे बराही मेले में गुरुवार को राजस्थान से आए कलारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का मन मोह लिया। मेले की शुरुआत शिव मंदिर सेवा समिति के लोगों ने बाराही देवी की आरती उतार कर की। जबकि दिक्षा पब्लिक स्कूल के बच्चों ने देश भक्ती के गीत पर नृत्यकर लोगों की वाहवाही लूटी। मंच पर कायर्क्रम के दौरान रागनी के मशहूर गायक राजेन्द्र नागर एंड पार्टी के वीर सपूतों से खाली न हमारा हिस्दुस्तान तेरा अमर रहेगा जीत सिंह बलिदान गीत पर जमकर तालियां बटोरी।  बाराही मेले की मान्यता है जो भी बराही माता के दरबार में हाजरी देता है खाली हाथ नहीं जाता। माता के दरबार में एक सरोवर भी है जो इस सरोवर में नहाता है उसकी चर्मरोग जैसी बीमिरयां ठीक हो जाती हैं। मेला सिदयों पुराना बता. जाता है। मेले में भारत के भिन्न भिन्न भागों की सभ्यता झलकती है। मेले में भारतीय संस्कृति और पुरानी परम्पराओं की अनूठा संगम देखने को मिलता है। मेले में प्रदर्शनी के अलावा अलग-अलग तरह के पकवान की लोग आन्नद लेते हैं।

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