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बांग्लादेश में ढाका कैफे पर हमले का मास्टरमाइंड अपने दो साथियों सहित मुठभेड़ में ढेर

बांग्लादेश में ढाका कैफे पर हमले का मास्टरमाइंड अपने दो साथियों सहित मुठभेड़ में ढेर
ढाका।  बांग्लादेश पुलिस ने ढाका कैफे पर हमले के मास्टरमाइंड कनाडाई-बांग्लादेशी तमीम अहमद चौधरी और उसके दो साथियों को शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के नजदीक एक मुठभेड़ में मार गिराया। आतंकवाद रोधी प्रकोष्ठ के अतिरिक्त उपायुक्त सनोवर हुसैन के हवाले से बीडीन्यूज 24 डॉट कॉम ने कहा, मुठभेड़ शनिवार सुबह तब शुरू हुई जब पुलिस ने नारायणगंज के पिकेपरहा में एक इमारत पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। प्रकोष्ठ के प्रमुख मोनिरल इस्लाम ने कहा कि छापेमारी प्रतिबंधित जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के एक गिरफ्तार आतंकी से मिली सूचना के आधार पर की गई।
पुलिस ने चौधरी की पहचान ढाका में एक जुलाई को हुए कैफे हमले के मास्टरमाइंड के रूप में की थी। इस हमले में एक भारतीय लड़की और दो पुलिस अधिकारियों सहित 22 लोग मारे गए थे। इसके बाद शोलाकिया में एक ईद कार्यक्रम पर हमला हुआ था। पुलिस के अनुसार, चौधरी कनाडा में रहता था और 2013 में बांग्लादेश आने से पहले उसने संभवत: विदेशी वित्तपोषकों का एक नेटवर्क विकसित कर लिया था। इस महीने के शुरू में पुलिस ने घोषणा की थी कि जो व्यक्ति चौधरी के बारे में सूचना देगा, उसे 20 लाख टके का पुरस्कार दिया जाएगा। कैफे पर हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली थी।
जांचकर्ताओं के अनुसार चौधरी पांच हमलावरों को उनके बसुंधरा फ्लैट से गुलशन, ढाका लेकर गया था। एक जुलाई को कैफे पर हमला प्रकरण शुरू होने से ठीक पहले वह उन्हें वहां छोड़कर चला गया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि वह सात जुलाई को ईद के दिन शोलकिया में हुए हमले में भी शामिल था। इस हमले में दो कांस्टेबल, एक हमलावर और एक स्थानीय महिला सहित चार लोग मारे गए थे।
चौधरी उन नौ आतंकवादियों का भी निर्देशक था जो 26 जुलाई को कल्याणपुर में एक पुलिस अभियान में मारे गए थे। पुलिस के अनुसार चौधरी कनाडा में रहा करता था और 2013 में बांग्लादेश आने से पहले उसने संभवत: वित्तपोषकों का एक नेटवर्क विकसित कर लिया था। इस महीने के शुरू में पुलिस ने घोषणा की थी कि जो व्यक्ति चौधरी की गिरफ्तारी कराने वाली सूचना देगा, उसे 20 लाख टके का पुरस्कार दिया जाएगा। आईएसआईएस ने कैफे हमले की जिम्मेदारी ली थी। जांचकर्ताओं ने पूर्व में चौधरी की पहचान नव-जमातुल मुजाहिदीन के नेता के रूप में की थी। विश्लेषकों के अनुसार इस संगठन की निष्ठा खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के प्रति है। पुलिस प्रमुख ने पूर्व में पीटीआई-भाषा से कहा था कि ढाका ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा है क्योंकि चौधरी को पकड़ने के लिए बांग्लादेश में जारी व्यापक अभियान के चलते वह पड़ोसी देश में घुसपैठ कर सकता है। चौधरी का परिवार पूर्वोत्तर बांग्लादेश के सिलहट जिले से ताल्लुक रखता है और उसका नाविक पिता शफी अहमद चौधरी 1970 के दशक के शुरू में कनाडा चला गया था।

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