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बच्चों ने निकाला यौन उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता मार्च

समाधान अभियान और NSS IIT ने मिलकर बल यौन उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता मार्च का आयोजन किया.
जिससे लोगों में इस विषय पर संवेदनशीलता बढे.
नई दिल्ली।  लोगो ने छोटे बच्चों को बचने के लिए इस मार्च में काफी संख्या में भाग लिया. शांति मार्च को IIT विद्यार्थियों ने काफी जोश के साथ इसमें भाग लिया एवं समाज के सभी प्रकार के लोगों ने भी बढ़ा चढ़ा कर इसमें हिस्सा लिया.
समाधान अभियान की डायरेक्टर श्रीमती अर्चना अग्निहोत्री का मानना है की “हमें बाल यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोड रखना होगा. ये एक गंभीर समस्या है. मई चाहती हूँ की समाज के सभी वर्ग इस प्रयास में सहयोग दें.” .
शांति मार्च निर्भया बस स्टैंड से शुरू होकर मुनिरका के व्यस्त बाजार से होता हुआ गाँव में गया और फिर पार्क में आकर समाप्त हुआ. लोगों ने बढ़ा चढ़कर इस मार्च में हिस्सा लिया.
समाधान अभियान के बारे में:
समाधान अभियान की स्थापना वर्ष 2015 में ‘सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से सशक्तिकरण’ के आदर्श वाक्य के साथ की गई थी।
बाल अधिकार के क्षेत्र में समाधान अभियान, ‘अच्छे और बुरे स्पर्श ” के प्रावधानों पर शिक्षकों, सभी आयु वर्ग के बच्चों के लिए बच्चों और माता-पिता के लिए कार्यशाला का आयोजन करके बाल यौन शोषण की रोकथाम पर जागरूकता फैलाने का प्रयास करता है। ।
आज तक, हमने लगभग 100 कार्यशालाओं के माध्यम से पचास विद्यालय में 20,000 से अधिक छात्रों को संबोधित किया है और हरियाणा मानवाधिकार आयोग के साथ भी सहयोग किया है।


हमने हाल ही में आईआईटी दिल्ली के साथ भागीदारी की है और एनएसएस के माध्यम से IIT स्वयंसेवकों ने दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में यौन शोषण पर लोगों की धारणा को समझने और समझा ने की शुरुआत की है, जिसे सोमनाथ भारती, सत्येंद्र जैन और श्रीमती परमिला धीराकज टोकस द्वारा बिना शर्त समर्थन दिया गया है।
ध्येय : एक समाज जिसमें यौन शोषण से मुक्त रहने का बच्चा का अधिकार वास्तविकता बन जाता है।
मिशन: जागरूकता के माध्यम से व्यक्तियों, समुदायों और समाज को बड़े पैमाने पर सशक्त बनाना; उदाहरणों को कम करने के लिए आवश्यक कौशल के साथ सभी हितधारकों को लैस करना; और बचे हुए लोगों को बाल यौन शोषण के परिणामों को दूर करने में मदद करने के लिए तैयार करना ।

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