व्यवसाय समाचार

प्रभु की यात्रियों पर रही कृपा, नहीं बढ़ाया किराया

नई दिल्ली। रेल बजट पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को लोकसभा में वर्ष 2016-17 के लिए रेल बजट पेश किया। भाजपा सरकार में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने दूसरी बार बजट पेश किया। बजट भाषण में रेल मंत्री प्रभु ने कहा कि भारतीय रेल की अर्थव्यवस्था की देश के विकास के लिए रीढ़ है। रेल मंत्री ने कहा कि बजट में प्रधानमंत्री के विजन का ख्याल रखा गया है। प्रभु ने कहा कि विपदाओं के न आगे झुकेंगे न रुकेंगे। रेलवे के विकास के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। रेलवे को अपनी कमाई बढ़ाने की जरूरत है इसलिए पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सिर्फ यात्री किराया बढ़ाना कमाई का जरिया नहीं है, रेलवे के खर्चों में कटौती करके भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। प्रभु ने कहा कि आज पूरे विश्व में मंदी का दौर चल रहा है। रेल मंत्री ने रेलवे के पुनर्गठन की जरूरत बताई और रेलवे के काम करने के तरीकों में बदलाव की जरूरत पर बल दिया।
बजट पेश करने से पहले सुरेश प्रभु ने कहा कि रेल से लोगों की बहुत सी आशाएं हैं, उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बजट से सभी को खुशी होगी।
प्रभु के रेल बजट 2016-2017 अहम बातें जो पेश की, गईं।
पैसेंजर ट्रेनों की गति बढ़ाकर औसतन 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखने का लक्ष्य रखा गया है।
दिव्यांगों के लिए आॅनलाइन टिकट बुकिंग को सुविधाजनक बनाया जाएगा।
दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की आॅनलाइन बुकिंग और सभी सवारी डिब्बे ब्रेल इनेबल्ड किए जाएंगे।
वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए लोअर बर्थ का कोटा बढ़ाया जाएगा।
इस वित्तीय वर्ष के अंत तक ट्रेनों में 17,000 जैव शौचालय उपलब्ध कराने की योजना है।
दुनिया का पहला जैव निर्वात शौचालय भारतीय रेल ने तैयार किया और डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में प्रयोग हो रहा है।
1780 आॅटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें और 225 कैश-क्वाइन और स्मार्ट कार्ड चालित टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं।
सोशल मीडिया और आईवीआरएस प्रणाली के जरिए ग्राहकों से फीडबैक लिया जा रहा है।
आधुनिक साजसज्जा वाले सवारी डिब्बों के साथ नई रेलगाड़ी महामना एक्सप्रेस शुरू की गई है।
यात्रियों से इनपुट लेने के लिए प्रति दिन लगभग एक लाख से काल किए जाते हैं।
रेलवे स्टेशनों पर 2,500 वाटर वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं
17000 बायो टॉयलेट, 475 स्टेशनों पर अतिरि शौचालय बनाए गए हैं।
400 नए रेलवे स्टेशनों पर वाई फाई की सुविधा देने की योजना है।
जनरल बोगी में भी मोबाइल चार्ज करने की सुविधा की गई है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए हर ट्रेन में 120 सीटें रिजर्व हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50 फीसदी बढ़ा दिया गया है
17000 नई आॅटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें लगी हैं।
रेल सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग जारी है।
रेलवे इस वर्ष 44 नई परियोजनाएं शुरू करेगा।
प्रति मिनट 7200 ई-टिकट देने का लक्ष्य रखा गया है।
सभी बड़े स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने पर काम चल रहा है।
रेवले विकास के लिए राज्य सरकारों के साथ 6  ज्ञापन समझौतों पर सहमति हुई है।
संयुक्त उद्यम के लिए 17 राज्यों से सैद्धांतिक अनुमोदन मिला है।
कैबिनेट ने रेलवे को राज्य सरकारों के साथ संयुक्त उद्यम की अनुमति दी है।
कार्यप्रणाली में कुशलता के लिए आंतरिक लेखा प्रणाली का पुनर्गठन हुआ है।
सुनिश्चित किया है कि परियोजनाएं 6-8 माह के अंदर स्वीकृत हो जाएं, पहले इसमें दो साल से ज्यादा का समय लगता था।
सभी प्रकार की खरीद ई-प्लेटफॉर्म पर की जा रही है
कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए सोशल मीडिया भी इस्तेमाल किया जाएगा।
हमारा मिशन पूरे कामकाज में 100 प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित करना है
त्रिपुरा की राजधानी अगरतला को बड़ी लाइन नेटवर्क पर लाया गया है
सात किमी प्रतिदिन की रफ्तार से बड़ी लाइन चालू करने में सफलता मिली
2015-2016 वर्ष की गई 139 घोषणाओं पर कार्रवाई शुरु हुई।
एलआईसी ने  1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की सहमति दी।
इस वित्ती वर्ष में 2500 किमी अतिरिक्त बड़ी लाइन चालू करने के लक्ष्य से भी आगे निकलने की उम्मीद।
अगले वित्तीय वर्ष में 2,000 किमी का विद्युतीकरण करने का प्रस्ताव पर विचार
2020 तक मालगाड़ियों को समय श्राणली के अनुसार चलाने का लक्ष्य
2020 तक बिना चौकीदार वाली क्रॉसिंग को होंगी समाप्त।
2020 तक 95 प्रतिशत तक समय पालन का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2016-17 में पूंजीगत योजना के लिए 1.21 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य है
हमारा निवेश पिछले वर्ष के औसत का लगभग दोगुना अधिक
आगामी वित्तीय वर्ष में शून्य आधारित बजट प्रक्रिया की अवधारणा अपनाई जाएगी
2017 तक 1,84,820 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा का लक्ष्य
2020 तक ट्रेनों से मल-मूत्र के सीधे डिस्चार्ज को समाप्त करने योजना
2020 तक स्वर्णिम चतुर्भुज पर सेमी हाईस्पीड ट्रेनें को चलाने रूप रेखा विचार।
2020 तक सभी मालगाड़ियों की औसत गति 50 किमी प्रति घंटे, मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत गति 80 किमी प्रति घंटे तक करने की योजना।

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