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प्रधानमंत्री की मन की बात : मुझे जनता की शक्ति पर भरोषा

प्रधानमंत्री की मन की बात : मुझे जनता की शक्ति पर भरोषा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की विविधता में एकता को सबसे बड़ी ताकत बताया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें देश की सवा सौ करोड़ जनता की शक्ति पर भरोसा है और यह ताकत तथा पूरी निष्ठा और समपज़्ण के साथ आगे बढऩे का संकल्प सारी बाधाओं को पार करते हुए देश को विकास के पथ पर आगे ले जाएगा।
प्रधानमंत्री ने आकाशवाणी और दूरदर्शन पर प्रसाारित मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित कर रहे थे। इस रविवार के ताज़ा संस्करण में उन्होंने खेल से लेकर शिक्षा, सामाजिक उत्सवों से लेकर पयाज़्वरण सरंक्षण, समाज की सेवा के प्रति समपिज़्त लोगों और विभिन्न सामाजिक विषयों पर अपने मन की बात की। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक सहयोग जैसे विभिन्न मुद्दों का जिक्र किया और कहा कि इन सभी बातों में देश की एकता और अखंडता परिलक्षित होती है जो देश की सांस्कृतिक विरासत का एक बेजोड़ उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने हाल में संपन्न ओलंपिक खेलों का जिक्र करते हुए हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को 29 अगस्त को उनके जन्म दिवस पर श्रद्धांजलि अपिज़्त करते हुए कहा कि वह खेल भावना और देशभक्ति की अनूठी मिसाल थे।
मोदी ने कहा कि भले ही इस बार ओलंपिक में भारत का प्रदशज़्न आशा के अनुरुप नहीं रहा लेकिन भारत की साक्षी और सिंधु जैसी बेटियों ने दो प्रतिस्पधाओज़्ं में मेडल जीतकर और दीपा करमाकर जैसी खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदशज़्न कर देश का मान बढ़ाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में देश के बेहतर प्रदशज़्न के लिए उनकी सरकार ने एक समिति गठित की है जो कमियों और भविष्य की रणनीति की रूपरेखा तैयार करेगी।
मोदी ने इस मौके पर समाज और व्यक्ति के जीवन में शिक्षक के महत्व का जिक्र करते हुए देश के प्रथम राष्ट्रपति सवज़्पल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अपिज़्त की। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का महत्व अभिभावक से ज्यादा होता है। वह व्यक्ति के साथ ही पूरे समाज के निमाज़्ण में उसकी अहम भूमिका है इसलिए शिक्षकों का मान बढ़ाना हर किसी की जिम्मेदारी है।

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