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पाटीदार समिति के नेता का भाजपा पर बड़ा आरोप, गोधरा कांड बीजेपी की सोची समझी चाल

पाटीदार समिति के नेता का भाजपा पर बड़ा आरोप, गोधरा कांड बीजेपी की सोची समझी चाल थी
अहमदाबाद। 2002 में गोधरा ट्रेन हादसा नहीं होता, तो मोदी दोबारा कभी मुख्यमंत्री नहीं बनते। गोधरा कांड बीजेपी की सोची समझी चाल थी, जिससे उनको राजनीतिक फायदा मिले। यह आरोप गुजरात पाटीदार समिति के शीर्ष नेता राहुल देसाई और लालभाई पटेल ने बीजेपी पर लगाया है। हिन्द खबर के मुताबिक, उनहोंने कहा बीजेपी एक सांप्रदायिक पार्टी है जिसका एजेंडा सालों से मुसलमानों के खिलाफ रहा है।
बता दें कि वर्ष 2002 के फरवरी में, साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी में आग लग जाने से 59 यात्रियों की जान चली गयी थी। इस काण्ड के आरोप में 31 मुसलमानों को गिरफ्तार किया गया था। गोधरा काण्ड के बाद गुजरात में हिन्दू-मुस्लिम दंगे हुए थे। 2000 से जायदा मासूम लोग गए थे। राहुल देसाई बताते हैं कि उस समय वे स्कूल में पढ़ते थे, और उस दौरान क्लास में भी गोधरा कांड के विडियो दिखाए जाता था, ताकि सांप्रदाय विशेष के खिलाफ लोगों भड़काकर जनमत तैयार किया जा सके।
वे लोग में इस बात का प्रचार करते थे की अगर सारे हिन्दू एक साथ मिलकर नहीं रहेंगे तो सांप्रदाय विशेष के लोग उन्हें मार डालेंगे। उनहोंने बताया मुझे नहीं पता की गोधरा में ट्रेन में आग मुसलमान लगाया या नहीं पर इतना यकीन है की यह बीजेपी की सोची समझी साजिश थी। जिससे उन्हें इलेक्शन में सत्ता हासिल करने में लाभ होता। इस प्रचार ने लोगों को सांप्रदायिक बना दिया और मुझे आज भी ठगा हुआ सा महसूस होता है। हिन्दुओं को आज भी लगता है की सांप्रदाय विशेष उन्हें मार देंगे और सब लूट लेंगे लेकिन यकीनन अगर सांप्रदाय विशेष ऐसा न करें तो बीजेपी जरूर ऐसा कर देगी।
वही मेहसाना में लालजीभाई पटेल ने कहा कि 2002 में गोधरा काण्ड और दंगे बीजेपी के इशारे पर ही हुए थे पहले हम यह नहीं मानते थे पर अब यकीन है. पिछली बार उनका निशाना मुसलमान थे इस बार उनके निशाने पर पटेल समाज है। यह बिलकुल उसी तरह की सियासत है जिससे नाक्सल्वाद जन्म लिया। अब पाटीदार समाज बिलकुल भी उस पार्टी का समर्थन नहीं करना चाहता जिसको उन्होंने पिछले विधान सभा चुनाव में किया था।

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