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परोपकार की भावना से पोषित होना चाहिए व्यक्ति का विचार : सीमा त्रिखा

फरीदाबाद,व्यक्ति का प्रत्येक विचार परोपकार की भावना से पोषित होना चाहिए जिसके लिए अध्यात्म अत्यंत सहायक है। यह विचार मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा ने नगर निगम सभागार में श्रीराम मॉडल स्कूल द्वारा जनकल्याण के उद्देश्य से अध्यातिमकता मानवता की रक्षक है नामक विषय पर आयोजित सेमीनार में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कही। इस मौके पर स्कूल की प्रिंसीपल डॉ. अमृता ज्योति सिंह ने मुख्य संसदीय संसदीय सचिव सीमा त्रिखा का स्वागत किया।
सीमा त्रिखा ने कहा कि अध्यात्म मन के भीतर का ज्ञान है जिसका किसी वर्ग विशेष से कोई खास सरोकार नहीं होता अपितु यह ऐसे उत्तम विचारों को बलवित्त करने जिससे स्वयं व राष्ट्र सहित विश्व कल्याण हो सके में सहायक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए खुद बदलेंगे तो जग बदलेगा की भावना को समझना होगा, भौतिकतावाद के सिर्फ सकारात्मक गुणों को अपनाना होगा। उन शिक्षाओं से परहेज करने की जरूरत है जो हमें पथभ्रष्ट करती हो।
उन्होंने श्रीराम मॉडल स्कूल सहित शिक्षा जगत से जुड़े सहयोगी शिक्षाविदें द्वारा उक्त विषय पर आयोजित सेमीनार की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि राष्ट्र के नवनिर्माण में गुरू की भूमिका को किसी भी सूरत में नकारा नहीं जा सकता जो मानव मन में संस्कार व ज्ञान का संचार करने में योगदान देता है। गुरू के रूप में सबसे पहला गुरू मॉ है जिसका व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति बनाने में आधारभूत रूप में विशेष योगदान होता है। इसीलिए शिक्षाविद्दों व माताओं को अपने बच्चों-शिष्यों को ऐसे ज्ञान व संस्कार देने चाहिए जिसके बल पर वे परिवार के अलावा राष्ट्र का नाम देश दुनियां के विभिन्न क्षेत्रों में रोशन कर सके। इस अवसर पर मनोहर सिंह, संजय कक्कड़, एस.एस.बांगा, एस.पी.एस.बेदी, डॉ. वेद मिगलानी, सी.एल.गोयल, एस.एस.गुगलानी ने भी उपस्थित जनों को अपने विचार प्रकट कर उपस्थिजनमूह को इस विषय पर जागृत करने का प्रयास किया। इससे पूर्व मुख्य संसदीय सचिव ने बी.के.सामान्य अस्पताल में आईएमएसएमआई आॅफ इण्डिया के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।  जिसमें ज्यादातर संख्या में मौजूद महिला प्रतिनिधियों से मिल उनका आव्हान करते हुए मुख्य संसदीय सचिव ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के कार्यो में आईएमएसएमआई आॅफ इण्डिया जैसे औद्योगिक संगठनों में महिला वर्ग की बढ़ती प्रतिभागिता केन्द्र व प्रदेश सरकार के महिला कल्याण की योजनाओं को प्रखर करने में सहायक है। जिससे महिला प्रतिनिधियों की औद्योगिक क्षेत्रों में प्रतिभागिता बढने से जहां एक और महिला वर्ग में आत्मविश्वास बढा है वहीं दूसरी और इस प्रकार का प्रतिनिधित्व महिला वर्ग के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। इस अवसर पर उद्योगपति राजीव चावला, वरिष्ठ समाजसेविका प्रिया बब्बर, शिक्षाविद आनंद मेहता, जया गोयल, निधि सहगल, विशम्बर भाटिया, ओ.पी.खत्री, अमित आहूजा सहित स्वास्थ्य विभाग की और से पीएमओ सुरेश चन्द्र, आरएमओ डॉ. नवीन गर्ग, एसएमओ डॉ. विरेन्द्र यादव, महीपाल डागर, अक्षय कुमार सहित अनेकजन उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव ने चिकित्सा अधिकारियों को अस्पताल प्रांगण में पेयजल व बिजली व्यवस्था दुरूस्त कराने का आश्वासन दिया और नाम मात्र शुल्क पर उपलब्ध होने वाली अक्षयजल पेयजल सुविधा का शुभारंभ भी किया।

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