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दिल्ली, लखनऊ और देवबंद से चांद की तस्दीक, चेन्नई और गुजरात में भी दिखा चांद

दिल्ली, लखनऊ और देवबंद से चांद की तस्दीक, चेन्नई और गुजरात के सूरत में भी दिखा चांद

पहला रोजा गुरुवार को, दारुल उलूम ने माहे रमजान का किया ऐलान

नई दिल्ली । रमजान का चांद बुधवार को नजर आ गया है, यानी पहला रोजा गुरुवार को होगा। चांद देखने की तस्दीक दारुल उलूम देवबंद ने की है।

चांद को लेकर देर शाम दारुल उलूम में रुइयते हिलाल कमेटी (चांद कमेटी) की बैठक हुई। इसमें देश के कोने कोने से चांद देखने की पुष्टि की गई। बाद में दारुल उलूम ने  चांद दिखने की तस्दीक करदी। कहा गुरुवार से रमजान माह शुरू हो रहा है ।बैठक में नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक संभली के अलावा मुफ्ती हबीबुर्रहमान खैराबादी, मौलाना रजी, मुफ्ती फकरुल इस्लाम, मौलवी इरफान आदि मौजूद थे। वहीं लखनऊ में बुधवार को शिया मरकज़ी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास और मरकज़ी चांद कमेटी (सुन्नी) के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद ने किया चांद होने होने की तस्दीक की है।जबकि शहर काज़ी मुफ़्ती इरफान मिया ने बुधवार को रमज़ान का चांद होने का अभी तक ऐलान नही किया है। जबकि नई दल्ली से इमारते शरिया हिन्द ने लेटर जारी कर रमजान का चांद दिखाए दिए जाने जाने पुष्टि करते हुए गुरुवार से रोजे शुरु होने का एलान किया है। मौलाना ने कहा कि मजहबे इस्लाम में रमज़ान के पाक महीने में रोजा रखने के पीछे इस बात का तर्क दिया जाता है कि व्यक्ति अपनी बुरी आदतों से जैसे- झूठ बोलना, शराब पीना, बुरा-भला कहना या कोई भी गलत काम नहीं करता है। रमज़ान कभी 29 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। रमज़ान के महीने को और तीन हिस्सों में बांटा जाता है। इसके हर हिस्से में दस-दस दिन आते हैं। इसके हर हिस्से को ‘अशरा’ कहा जाता है। जिसका अरबी में अर्थ 10 होता है। कुरान में हर मुसलमान के लिए रोजा रखना जरूरी माना गया है। विश्वभर में मुसलमान पहली बार कुरान के उतरने की याद में पूरे महीने रोजे रखते हैं। रोजे के महीने में नशीले पदार्थ का सेवन पूरी तरह से मना है। चेन्नई और गुजरात के सूरत में चाँद देखने की खबर मिली है। जहाँ जहाँ आसमान साफ़ नहीं है वहां चाँद देखने की तस्दीक में देरी हो सकती है।

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