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डा गहलोत प्रोफेसरशिप की मानद उपाधि से सम्मानित

एमिटी विश्वविद्यालय में डा नारायन गहलोत ने ” विश्वविद्यालयों के अस्तित्व –
भारत की विश्वशक्ती की कुंजी विषय पर दिया व्याख्यान
डा गहलोत प्रोफेसरशिप की मानद उपाधि से सम्मानित
नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय की शिक्षण गुणवत्ता से प्रभवित होकर यूएसए के प्रिसंटोन के चक्रपानी एलएलसी के सीईओ के डा नरायन गहलोत ने आज एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती एंव एमिटी विश्वविद्यालय के डिप्टी गु्रप वाइस चांसलर लेफ्टर जनरल पी डी भार्गवा ने स्वागत किया। यूएसए के प्रिसंटोन के चक्रपानी एलएलसी के सीईओ के डा नरायन गहलोत ने छात्रों को ”विश्वविद्यालयों के अस्तित्व – भारत की विश्वशक्ती की कुंजी ÓÓ विषय पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर उन्होने एमिटी  स्कूल ऑफ  इंजिनियरिंग एंड  टेक्नोलॉजी, एमिटी इनोवेषन इंक्यूबेटर, एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ  एडवांस रिर्सच स्टडीज, एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ  माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी, एमिटी सेंट्रल लाइब्रेरी एंव एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन स्टूडियो का दौरा किया। कार्यक्रम के समापन डा नरायन गहलोत को एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेषन फांउडेषन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती एंव एमिटी विश्वविद्यालय के डिप्टी गु्रप वाइस चांसलर लेफ्टर जनरल पी डी भार्गवा द्वारा प्रोफेसरशिप की मानद उपाधि से सम्मानित भी किया गया। यूएसए के प्रिसंटोन के चक्रपानी एलएलसी के सीईओ के डा नरायन गहलोत ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की असली संपत्ति उसके लोग एंव पेटेंट होते है। आपको निवेष एंव उससे प्राप्त आय के अनुपात की जानकारी होनी चाहिए। किसी संस्थान में शोध करके पेटेंट कराने वाले को उसके शोध के उपयोग की जानकारी अधिक होती है इसलिए उसे यह नजर रखना चाहिए कि  कोई कंपनी या अन्य संस्थान उसकी अनुमती के बगैर उसके शोध  का उपयोग ना करे। एमिटी विश्वविद्यालय के कई सारे
विष्वविद्यालयों से संबध य दर्षाते है कि अपने शोधार्थि और छात्रों को आधुनिक जानकारी उपलब्ध कराने हेतु एमिटी द्वारा उचित प्रयास किया जा रहा है डा गहलोत न कहा कि शोध में असफलता की गांरटी होती है और सफलता की संभावना। प्रयास जारी रखें, सफलता अवश्य मिलेगी। जब आप स्नातक करते है तो आप पढ़ते है, स्नातकोत्तर करते है तो लिखते है और शोध के दौरान आधुनिक क्षेत्र की जानकारी हेतु पढ़ते एंव लिखते है। उन्होनें कहा कि पीएचडी एंव रिर्सच में समयसीमा नही है। डा गहलोत ने वर्किंग प्रोटोटाइप जैसे हेयर केयर, हेयर लाइस इरेडिक्षन, हेयर ग्रोथ एंव हेयर फॉल एंव मॉस्किटो इरेडिक्षन  के बार में जानकारी भी दी। उन्होने कहा कि विचार सबसे महत्वपूर्ण होते है। एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती ने डा गहलोत का स्वागत करते हुए कहा कि डा गहलोत द्वारा किये जा रहे शोध कार्य से हम सभी प्रभावित है। उनके व्याख्यान से न केवल छात्रों को बल्कि हम सभी को प्रेरणा एंव मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। डा सेल्वामूर्ती ने कहा कि एमिटी में हम छात्रों को शिक्षण के साथ शोध हेतु प्रेरित करते है। हमारे एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोक कुमार चौहान का मानना है कि कोई भी देश बिना शोध या नवोन्मेश के प्रगती नहीं कर सकता है और
षोध एंव नवोन्मेश मे शिक्षण संस्थानों की भूमिका सबसे अधिक होती है। इस अवसर पर एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवशन फांउडेशन के वाइस प्रेसीडेंट डा ललित भारद्वाज सहित एमिटी विश्वविद्यालय के कर्नल आर के कपूर, डा अभय बंसल, डा
एम के दत्ता आदि उपस्थित थे।

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