शिक्षा/टेक्नालाजी समाचार

गुरूग्राम कैंपस में नार्थ जोन वाईस चांसलर मीट

गुरूग्राम  एमिटी युनिवर्सिटी  कैंपस में नार्थ जोन वाईस चांसलर मीट (उत्तर पूर्व भारतीय कुलपति मीट) का शुभारंभ आज(4-5 दिसंबर) को विश्वविद्यालय परिसर में हुआ। यहसम्मेलन दो दिन तक चलेगा और इस सम्मेलन में उत्तर भारत के करीब 70 कुलपति (सरकारीव गैर सरकारी विश्वविद्यालयो से एकत्रित हुए और इसमें विषय “उच्च शिक्षा और अनुसंधान मेंनेतृत्व उत्कृष्टता(Leadership Excellence in HigherEducation and Research)”पर विचार विमर्श किया जाएगा।
डॉ वी एस चौहान, चेयरमैन, यूजीसी, कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। साथ ही प्रो(डॉ) पी बी शर्मा, प्रेसीडेंट, एसोसिएसन ऑफ इंडियान युनिवर्सिटी एवं वाईस चांसलर एमिटी युनिवर्सिटी, हरियाणा, प्रो फुरखान कमर, सेक्रेटरी जनरल, एआईयू, पद्म श्री के एल चौपड़ा, प्रो रणबीर सिंह, वाईस चांसलरस नेश्नल लॉ युनिवर्सिटी, दिल्ली आदि भी समारोह में मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में उत्तर भारत से आए कुलपति शामिल हुए और उनकी दक्षता में देश
के उच्च शिक्षा संस्थान प्रणाली पर विचाररों का आदान प्रदान दो दिनों (4-5 दिसम्बर) तक होगा। .
इस सम्मेलन के आयोजन का मुख्य कारण देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार,आज के युग में विशेष रूप से सामान्य और उच्च शिक्षा स्तर में शिक्षा के समाज में होने वाले परिवर्तनों का उल्लेख और सुझाव की प्रस्तुति होगी. शिक्षा के लिए बढ़ती मांग और उत्कृष्टता जैसे अन्य मुद्दों पर चर्चा, परिवर्तनों से उभरने वाले मुद्दों का जवाब देने के लिए शिक्षा को अलग-अलग तरीकों से अपनाने की आवश्यकता होती है। इस संबंध को न केवल वर्तमान को पूरा करना जरूरी है
बल्कि भविष्य के लिए भी तैयार होना पडेगा। तकनीकी उन्नति और अन्य जटिलताओं के कारण पुराने तरीकों जैसे कि, शैक्षणिक- पाठ्यचर्या, शिक्षक की तैयारी, उत्पादों की नौकरी योग्यता पर भरोसा नहीं कर सकते जो कि नए समाधानों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, नवाचार और ऊष्मायन को लागू करना निश्चित रूप से सरकार, नीति निर्माताओं, शैक्षणिक नेताओं और संस्थानों की प्रस्तुत चुनौतियां हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य 'उच्च शिक्षा और अनुसंधान में नेतृत्व उत्कृष्टता' से संबंधित कई मुद्दों पर विचार करना है। बैठक में वैश्विक रुझान, राष्ट्रीय तैयारियां और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान
में रखते हुए मुद्दों पर विचार करने की उम्मीद है।
प्रो वी एस चौहान, चेयरमैन, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने संबोधित करते हुए कहा किविश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को उच्च स्तर की शिक्षा देने पर खास प्रयास करने चाहिए। विद्यार्थियों के अन्दर मजबूत वैल्यू सिस्टम का होना जरूरी है, साथ ही साथ देश के विश्वविद्यालयों को रिसर्च औऱ इनोवेशन में ज्यादा से ज्यादा भाग लेना चाहिए। पब्लिक और प्राईवेट दोनों शिक्षा संस्थानों को मिलना चाहिए सरकार से पूरा सहयोग जिससे देश की तरक्की
में मदद मिलेगी औऱ देश आगे बढ़ेगा। इस अवसर के बारे में प्रेसीडेंट एआईयू, और एमिटीविश्वविद्यालय हरियाणा के कुलपति प्रोफेसर
पीबी शर्मा ने कहा, "हमें अपने विश्वविद्यालयों में उद्यमी और रचनात्मक वातावरण बनाने की जरूरत है जो हमारे विश्वविद्यालयों को इनोवेशन और विकास के रूप में बदलने की पहल है।“
भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) उच्च शिक्षा के कारण काम कर रहे देश के प्रमुख संस्थानों में से एक है। 1 9 25 में अपनी स्थापना के बाद से, एआईयू सभी प्रमुख निर्णय लेने समितियों और कमीशन का एक अभिन्न अंग बनकर भारतीय उच्च शिक्षा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार को अनुसंधान आधारित नीति सलाह संस्थान के मूल्यवान स्रोत के रूप में अभिनय कर रहा है और नीतियां तैयार कर रहा है।इसने भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालयों की योग्यता, अनुसंधान और प्रशिक्षण, खेल, युवा मामलों के संवर्धन आदि के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तरों के बीच सहयोग और समन्वय के अलावा क्षेत्रों में समानता की भूमिका निभाने के लिए एक अपरिहार्य जगह बनाई है। आम हित के मामले में निकायों का एक शीर्ष संगठन रूप में, एआईयू भारतीय उच्च शिक्षा के लिए मुख्य तौर पर सलह और समनवयन का कार्य करता है।

 


VIDEO ; New Delhi ke chterpur me mhfile shma

 

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