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कुंबले ने इस्तीफा देने के बाद स्वीकारी कोहली से मतभेद की बात

कुंबले ने इस्तीफा देने के बाद स्वीकारी कोहली से मतभेद की बात
नई दिल्ली (खेल संवाददाता)।
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच पद से इस्तीफा देने के बाद अनिल कुंबले ने कप्तान विराट कोहली से मतभेद पर चुप्पी तोड़ी है।
उन्होंने ट्विटर पर अपना बयान जारी करते हुए कप्तान कोहली से मतभेद को ही अपने इस्तीफे की वजह स्वीकार किया है। उन्होंने लिखा, क्रिकेट सलाहकार समिति ने मुख्य कोच बने रहने के लिए कहकर जो भरोसा मुझमें दिखाया है, उससे मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं. बीते एक साल की उपलब्धियों का श्रेय कप्तान, पूरी टीम, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ को जाता है। उन्होंने आगे कहा कि सोमवार को मुझे बीसीसीआई की तरफ से बताया गया कि कप्तान की मेरे स्टाइल और मेरे कोच बने रहने को लेकर कुछ आपत्तियां हैं। मैं चौंक गया क्योंकि मैंने हमेशा कप्तान और कोच की भूमिकाओं की सीमा की कद्र की है। हालांकि बीसीसीआई ने कप्तान और मेरे बीच की गलतफहमियां दूर करने की कोशिश की, लेकिन यह साफ था कि यह साझेदारी अस्थिर थी, इसलिए मुझे लगा कि पद छोडऩा ही मेरे लिए बेहतर है। कुंबले का एक साल का कार्यकाल खत्म हो चुका है। हालांकि कहा जा रहा था कि वे वेस्टइंडीज दौरे पर टीम के साथ बने रहेंगे, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया। भारतीय क्रिकेट टीम कुंबले के बिना ही मंगलवार को लंदन से वेस्टइंडीज दौरे पर रवाना हुई।
पिछले दिनों भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने हाल ही में टीम इंडिया के नए कोच को लिए आवेदन मंगाए थे। इसके बाद से ही अनिल कुंबले को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया था। कहा जा रहा है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की अनिल कुंबले से नहीं बन रही है, लिहाजा बोर्ड ने नए कोच के लिए आवेदन मांगा है।
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, मैं बहुत बार अनिल से भी मिला, विराट से भी मिला, मैं मैदान पर भी था, लेकिन बाहर से देखने पर नहीं लगा कि दोनों के बीच कोई मनमुटाव या मतभेद है। जब खबर आई तो अफवाहों का बाजार भी गरमा गया कि ये समस्या है, वो समस्या है, उनके बीच तो शुरुआत से नहीं बनी, कुलदीप यादव को लेकर मतभेद हैं, वगैरह वगैरह, लेकिन पहली बार जब मुझे यह पता चला तो मैं भौंचक्का रह गया था कि वो क्या था जो मैं पिछले छह महीने में नहीं देख पाया।
अनिल कुंबले जून 2016 में रवि शास्त्री और टॉम मूडी जैसे 57 दिग्गजों को पीछे छोड़ भारतीय क्रिकेट टीम के कोच बने थे। माना जा रहा है कि कुंबले और कप्तान कोहली के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। ऐसे में सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली की क्रिकेट सलाहकार समिति को नए कोच के लिए जल्द ही फैसला लेना होगा। आकाश मानते हैं कि इस वक्त इन तीनों के कंधे पर भारतीय भविष्य की बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, इस बार जो कोच बनेगा वो कम से कम दो साल के लिए बनेगा। अब आप उसका एक साल का कॉन्ट्रैक्ट नहीं कर सकते, क्योंकि 2017 आ चुका है और 2019 में विश्व कप है, अगर आप विश्व कप तक का समय नहीं देंगे तो आप अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार लेंगे। इसलिए सोच समझकर फ़ैसला लें क्योंकि मुझे नहीं लगता कि इस फैसले से वापसी का कोई मौका होने वाला है। 2019 के विश्वकप को लेकर वर्तमान और भविष्य हमारे तीन दिग्गजों के हाथ में है। उम्मीद करता हूं कि वो अच्छा निर्णय लेंगे।
उधर क्रिकेट एक्सपर्ट हर्षा भोगले ने भी लिखा है कि संस्थाओं को प्रतिबद्ध लोगों को सहेजने के लिए जोर लगाना चाहिए। अगर कुंबले को आगे कोई बड़ा रोल नहीं दिया जाता तो मुझे हैरत होगी।
भोगले ने यह भी लिखा कि अगर कोच और कप्तान के बीच कोई मतभेद होगा तो कप्तान की बात ही मानी जाएगी। वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने कुंबले के इस्तीफे को भारतीय क्रिकेट के लिए मानव-निर्मित आपदा बताया। उन्होंने लिखा कि भारतीय क्रिकेट अब उस मरीज की तरह हो गया है जिसका शरीर डॉक्टर ने चीरा लगाकर खोल दिया है। लेकिन अब उसे दोबारा नहीं सिला जा सकता। अनिल कुंबले के खुले तौर पर मतभेद स्वीकारने के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला अब कोहली बनाम कुंबले की शक्ल लेता दिख रहा है।

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