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किस पर वाजिब है जकात, आप भी जानिए

किसी मशीन न औजार पर जकात नहीं अलबत्ता उसकी आमदनी पर जकात वाजिब
कानपुर। आल इण्डिया गरीब नमाज कौन्सिल माहे स्याम हेल्प लाइन में उलमा-ए-अहले सुन्नत का जवाब ।
1. माल पर साल गुजरने से पहले 50 रुपये आ औजार खरीद लिया तो अब जकात कैसे अदा करें? —- आफताब आलम, जाजमऊ
जवाब: किसी भी औजार व मशीन पर जकात वाजिब नहीं, हां उससे जो माल कमाया और वह आदमी पहले ही से मालिके निसाब है तो कमाया हुआ माल पुराने निसाब के साथ जोड़कर जकात वाजिब है। नये माल पर नये साल का गुजरना शर्त नहीं हां अगर वह आदमी पहले से मालिक-ए-निसाब न था तो अब इस नवीन कमाये हुये निसाब पर माल पर पूरे साल का गुजरना यूंही जिन्दगी की जरूरतों से खाली होना शर्त है और ऐसा कोई कर्ज भी न हो जो निसाब को खत्म कर दे तो अब नवीन जमा किये हुए माल पर जकात वाजिब है।
2. नमाजे तरावीह में सजदे तिलावत भूल गया तो क्या करना चाहिये?
जवाब: नमाज में सजदा वाली अयत पढ़ी तो नमाज ही मे फौरन सजदा करना वाजिब है। नमाज के बाहर नहीं हो सकता और अगर सजदा करना भूल गया तो जब तक नमाज के विपरीत कोई काम न किया हो सजदा कर ले अगर चे सलाम फेर लिया हो और सहु का सजदा करे ओर अगर जानबूझ कर सजदा छोड़ दिया तो सख्त गुनाहगार हुआ और तौबा लाजिम।
3. रोजा की हालत में होठों पर बोरो प्लस लगा सकते हैं या नहीं?
जवाब: बोरो प्लस लगाना रोजा न टूटा हां अगर उसके कुछ अंश थूक के साथ हलक के अन्दर चला गया तो रोजा टूट गया। रोजा में इससे परहेज लाजिम है।
4. पसीना बहकर मुंह के अन्दर चला गया तो रोजा का क्या हुक्म है?

जवाब: पसीना अगर कतरा, तो कतरा से अधिक मुंह के अन्दर गया और उसकी नमकनल पूरे मुंह में महसूस हुआ तो रोजा टूट गया वरना नहीं।

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