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एमिटी संस्थान का बकरी के दूध से कैंसर उपचार के शोध पर पेटेंट

ग्वालियर (संवाददाता)। एमिटी यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश में नेनोबायोटेक्नोलॉजी का शोध केंद्र स्थापित किया गया है, जो वर्तमान में नेनोबायोटेक्नोलॉजी पर आधारित दवाओ से कैंसर जैसे असाध्य रोग के निदान एवं उपचार से सम्बंधित क्षेत्र में अनुसन्धान कर रहा है। वर्तमान में कैंसर से होने वाली मृत्यु हृदय रोग के बाद दूसरा प्रमुख कारण है। कैंसर के उपचार के लिये उपलब्ध दवाओं के अत्याधिक साइड इफेक्ट और प्रतिरोध के कारण कैंसर कोशिकाओं के उन्मूलन के लिए नई दवाओ के विकास की सख्त आवश्यकता है। इस दिशा में एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी मे स्थापित नेनोबायोटेक्नोलॉजी केंद्र मे बकरी के दूध पर आधारित सिल्वर नेनोपार्टिकल्स के द्वारा कैंसर के उपचार पर शोध चल रहा है। इस शोध में संस्थान के निदेशक प्रोफेसर  (डॉ.) आर. एस. तोमर, डॉ. शुचि कौशिक एवं शर्मिष्ठा बॅनर्जी कार्य कर रहे है। प्रोफेसर तोमर ने बताया कि भविष्य में नैनोकणों पर आधारित दवाये न केवल सस्ती होगी बल्कि कैंसर रोगियों मे बेहतर स्वीकार्य, अनुकूल एवं अधिक प्रभावशाली होगीं, इनकी बहुत कम खुराक से कैंसर रोगियों मे वांछित प्रभाव देखा जा सकेगा।
एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश, ग्वालियर के प्रमुख और महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक है। संस्थान उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने व औधोगिक क्षेत्र के लिए तकनीकी रूप से मानव संसाधन विकसित करने की दिशा मे कार्य कर रहा है। संस्थान उच्च गुणवत्ता की शिक्षा एवं उच्च अनुसंधान को प्रमुख्ता देता हैं। बायोटेक्नोलॉजी संस्थान एक अनुसंधान आधारित संस्थान है जो 80 से ज्यादा शोध प्रकाशन कर चुका है। यहाँ संस्थान के बाहरी छात्रों के लिए भी परामर्श सेवाएं प्रदान की जाती हैं। छात्रो को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय एवं संस्थानों में कार्य करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है। यहाँ के छात्रों को फ्रांस, इजऱाइल और ग्रीस आदि विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के लिए चुना गया है।
बायोटेक्नोलॉजी संस्थान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलनों, कार्यशालाओं का समय समय पर आयोजन भी करता रहता है और छात्र एवं छात्राओ को इन वैज्ञानिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। लगभग हर साल हमारे छात्रों को प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप के लिए इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज की प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए चुना जाता है। बायोटेक्नोलॉजी संस्थान ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों / संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर करार किए हैं। हाल ही में, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी ने अनुसंधान के लिए प्रतिष्ठित रॉकफेलर यूनिवर्सिटी, न्यूयॉर्क, अमरीका के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यहाँ न केवल अच्छे रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए बल्कि गेट, नेट इत्यादि जैसे राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए योग्य छात्रों को तैयार किया जाता हैं। वर्तमान में, बी.टेक., बी.एस.सी., एम.टेक., एम.एस.सी. और पीएच.डी. बायोटेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम चल रहें है। संस्थान अपने छात्रो को एकेडेमीक एवं वर्तमान  औधोगिक जरूरतों के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहाँ के छात्रों को हर साल विभिन्न कंपनियों के द्वारा कैंपस प्लेसमेंट मे चुना जाता है। संस्थान वाय-फाय कनेक्टिविटी के साथ वातानुकूलित स्मार्ट क्लास रूम द्वारा पूर्ण तरह सुसज्जित है। इस संस्थान में माइक्रोबायोलॉजी, आणविक जीवविज्ञान, इम्यूनोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, प्लांट टिशू कल्चर, एनिमल सेल कल्चर, बायोप्रोसैस टेक्नोलॉजी, बायोइनफॉरमैटिक्स इत्यादि के लिए लैबोरेटरीज सुसज्जित है। संस्थान की प्रयोगशालाओं में नवीनतम एवं उच्च तकनीक उपकरणों जैसे- पी.सी.आर., एलिसा रीडर, जेल डॉक सिस्टम, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, माइक्रोस्कोप, डीप फ्रीजर, फऱमेंटर, सोनिकैटर आदि मौजूद है। जो छात्रों को उच्च तकनिकी कार्य करने की ट्रेनिंग देता है एवं उनको उच्च स्तरीय शोध रोजगार पाने में मदद देता है।

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