एमिटी विश्वविद्यालय में वियतनाम के राजदूत डा टॉन सिंग थान ने दिया छात्रों को व्याख्यान

एमिटी विश्वविद्यालय में वियतनाम के राजदूत डा टॉन सिंग थान ने दिया छात्रों को व्याख्यान

नोएडा (अनिल व्दिवेदी)। एमिटी विश्वविद्यालय की शिक्षण एंव शोध गुणवत्ता से प्रभावित होकर भारत, नेपाल एंव भूटान में वियतनाम के राजदूत महामहिम डा टॉन सिंग थान ने वियतनाम की फर्स्ट सेक्रेटरी होंग डियम हान्ह एंव फर्स्ट सेक्रेटरी सुश्री हो थी वान के साथ आज एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर ‘‘एंबेसडर लेक्चर सीरीज’’ के तहत वियतनाम के राजदूत महामहिम डा टॉन सिंग थान ने छात्रों को ‘‘ वियतनाम और नये संर्दभ में वियतनाम एंव भारत के संबध ’’ पर एफ थ्री ब्लाक सभागार में व्याख्यान भी दिया। एमिटी विष्वविद्यालय में महामहिम राजदूत का स्वागत एमिटी गु्रप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह एंव एसीआइसीए के एडिशनल डीजी श्री आर एम अग्रवाल ने किया। भारत, नेपाल एंव भूटान में वियतनाम के राजदूत महामहिम डा टॉन सिंग थान ने छात्रों को ‘‘ वियतनाम और नये संर्दभ में वियतनाम एंव भारत के संबध ’’ पर व्याख्यान देते हुए कहा कि भारत एंव वियतनाम के रिश्ते बहुत ही पुराने है हमारे स्वंतत्रता सेनानी एक दूसरे को जानते थे। उन्होेनें वियतनाम की आजादी के बाद, फ्रेंच उपनिवेशीकरण की खिलाफत, चीन के हमले के बारे में बताते हुए कहा कि 1986 में वियतनाम ने अर्थव्यवस्था सुधार में बड़ा कदम उठाया और अर्थव्यवस्था को सब्सिडी केंद्रीकृत से बाजार आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तीत किया। आज वियतनाम का औसत जीडीपी 6 प्रतिषत प्रतिवर्ष है। महामहिम ने कहा कि हमारा निर्यात बढ़ा है और कृषि क्षेत्र मे हमने बृहद तरक्की की है। उन्होनें वियतनाम की विदेश निती के संर्दभ में बताया कि हमारा उदेदष्य राष्ट्र विकास में सतत एंव षांती पूर्ण पर्यावरण को सुनिष्चित करना है। आज विष्व के लगभग 188 देषों के साथ हमारे राजनितिक संबध है और भारत, रषिया एंव चीन हमारे संप्रेरक रणनीतिक सहभागी है। महामहिम डा टॉन सिंग थान ने साउथ एशिया सागर में चीन की समस्या पर संबोधित करते हुए कहा कि चीन का साउथ एशिया सागर पर दावेदारी हम सभी के लिए चुनौती है क्योकी अंर्तराष्ट्रीय व्यापार में साउथ एशिया सागर एक प्रमुख मार्ग है। चीन द्वारा साउथ एषिया सागर में चट्टानों पर सेनाओं की चौकियों की बना कर भय उत्पन्न किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि वियतनाम ने सदैव समस्या का शांतीपूर्ण हल चाहा है। भारत एंव वियतनाम के आपसी सबंधो पर उन्होने कहा कि स्न 2016 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा ने दोनो देषों के मध्य संबध को और भी मजबूती एंव नये आयाम प्रदान किये है। भारत एंव वियतनाम के मध्य राजनितिक सहयोग, सुरक्षा – सैन्य सहयोग, अर्थव्यवस्था सहयोग, विज्ञान एंव तकनीकी सहयोग एंव शिक्षा सहयोग पर कार्य किया जा रहा है दोनों देषों के मध्य अर्थव्यवस्था सहयोग का विस्तार, नये परिचालन समझौते एंव प्रोजेक्ट, हर स्तर पर अधिक बातचीत की आवष्यकता है। उन्होनें कहा कि एमिटी आकर अत्यंत प्रसन्नता हुई और एमिटी एंव वियतनाम के षिक्षण संस्थानों के मध्य संयुक्त षोध कार्य एंव षिक्षण के क्षमतापूर्ण अवसरों पर विचार होगा।एमिटी विश्वविद्यालय में महामहिम राजदूत का स्वागत एमिटी गु्रप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह ने अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा कि एमिटी में राजदूत व्याख्यान सत्र के तहत हम छात्रों को देषों के मध्य आपसी कुटनितिज्ञ संबध को समझने में सहायता करते है जिसमें विभिन्न देषों के राजदूत अपने देष एंव संस्कृती के संर्दभ में जानकारी प्रदान करते है। उन्होनें कहा कि वियतनाम के राजदूत महामहिम डा टॉन सिंग थान द्वारा छात्रों को बृहद जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर डा सिंह ने एमिटी विष्वविद्यालय एंव वियतनाम के षिक्षण संस्थानों के मध्य षिक्षा, षोध एंव संयुक्त वित पोषण पर आपसी सहयोग के नये अवसरों पर अपने विचार रखे।

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