खेल शिक्षा/टेक्नालाजी समाचार

एमिटी विश्वविद्यालय में सांइस स्टूडेंट सिंपोसियम में क्वीज प्रतियोगिता

दिल्ली एनसीआर के लगभग 30 विद्यालयों की टीमों ने लिया हिस्सा
नोएडा, अनिल दुबे। एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी एंव इंडियन एसोशियन ऑफ फिजिक्स टीचर द्वारा ” नैनोटेक्नोलॉजी की रोमांचक दुनियाÓÓ पर सांइस स्टूडेंट सिंपोसियम का आयोजन जे ब्लाक साभागार एमिटी विश्वविद्यालय में किया गया। इस सिंपोसियम में छात्रों हेतु नैनोटेक्नोलॉजी सहित भौतिकी एंव रसायन विज्ञान पर आधारित क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विजयी छात्रों को इंडियन एसोशियन ऑफ फिजिक्स टीचर के अध्यक्ष डा ओ पी शर्मा, इंडियन एसोशियन ऑफ फिजिक्स टीचर के सदस्य डा एस के सिंघल, इंडियन एसोशियन ऑफ फिजिक्स टीचर के पूर्व अध्यक्ष डा सूरज प्र्रकाष, एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी के निदेशक डा डी के अवस्थी एंव एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी के सहनिदेषक प्रो टिंकू बासु ने पुरस्कृत किया।
सांइस स्टूडेंट सिंपोसियम के अंर्तगत क्वीज प्रतियोगिता में दिल्ली एनसीआर के लगभग 30 विद्यालय जैसे डीपीएस गाजियाबाद, श्रीराम स्कूल, डीएवी, अल्होकॉन पब्लिक स्क्ूल, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के नोएडा, साकेत, पुष्पविहार, मयूरविहार, गाजियाबाद एंव गुडगांव के सभी विद्यालयों आदि ने छात्रों ने हिस्सा लिया। हम विद्यालय से एक टीम थी और हर टीम के पांच सदस्य थे। ववीज प्रतियोगिता दो भागो मे हुई जिसमें प्रथम भाग में सभी टीमों को 15 प्रष्नों का जवाब देना था और सही जवाब के आधार पर क्वीज के द्वितीय भाग हेतु चार टीमों डीएवी अशोक विहार, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल गुडगांव सेक्टर 46, डीपीएस गाजियाबाद एंव हिलवुड एकेडमी का चयन किया गया। क्वीज प्रतियोगिता के द्वितीय भाग में आठ चरणों पर आधारित प्रतियोगिता जिसमें कंस्पेषन रांउड, न्यूमेरिकल एबिलीटी रांउड, सांइस आंडेटिफिकेशन राउंड, ग्रैफिक रांउड, सांइस एक्टीविटी रांउड, विडियो रांउड, रैपिड फायर रांउड एंव क्लू रांउड का आयोजन हुआ। जिसमें एमिटी इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर 46 गुडंगाव ने 150 पांइट अर्जित करके प्रथम पुरस्कार, डीएवी अशोक विहार ने 107 पांइट के साथ द्वितीय पुरस्कार एंव डीपीएस गाजियाबाद ने 102 पांइट के साथ तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।


इंडियन एसोशियन ऑफ फिजिक्स टीचर के अध्यक्ष डा ओ पी शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि इंडियन एसोशियन ऑफ फिजिक्स टीचर द्वारा छात्रों एंव शिक्षकों हेतु देश भर मे कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस प्रतियोगिता एंव कार्यक्रमों के जरीए छात्रों को विशेषज्ञों द्वारा नैनोटेक्नोलॉजी को बेहतरीन ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। आपमें से कई छात्र भविश्य में नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में शोध करगें, उनके लिए यह कार्यक्रम काफी लाभप्रद होगा।

 

तीन भागों मे विभाजित यह कार्यक्रम के प्रथम भाग में आपको को नैनोतकनीकी की जानकारी, द्वितीय भाग में क्वीज प्रतियोगिता और तृतीय भाग में नैनोमैटेरियल के एप्लीकेशन की प्रयोगिक जानकारी प्राप्त होगी।


एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी के निदेशक डा डी के अवस्थी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी प्रकृति में नैनोटेक्नोलॉजी प्रारंभ से व्याप्त है। नैनोमैटिरयल का उपयोग आज हर क्षेत्र जैसे स्वास्थय, सुरक्षा एंव उर्जा मे हो रहा है। कैंसर रोग के इलाज में सहित नई दवाइयों के शोध, सैन्य सुरक्षा के दौरान उपयोग दूरबीनों एंव बायोसेंसर के निर्माण मे भी उपयोग हो रहा है। डा अवस्थी ने एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी के पाठयक्रम एंव षोध के बारे मे जानकारी प्रदान की।


इस अवसर पर छात्रों कों सिंथेसाइज ऑफ गोल्ड नैनोपार्टिकल, मैग्नेटिक नैनोस्ट्रक्चर जिसका उपयोग औषधियों में होता है और कार एंव पानी के जहाजों पर होने वाले पेंट के सुपरहाइड्रोफोबिक सरफेस के प्रयोग का प्रदर्शन करके दिखाया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागीयों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी के पूर्व निदेशक डा आर पी सिंह सहित कई शिक्षकगण भी उपस्थित थे।

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