शिक्षा/टेक्नालाजी समाचार

एमिटी विश्वविद्यालय में नवोन्मेष एंव बौद्धिक संपदा

अधिकार पर कार्यशाला का आयोजन
नोएडा (अनिल दुबे)। एनआरडीसी (नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कोरपोरशन) – एमिटी इनोवेशन फैलिसिटेशन
सेंटर द्वारा ”नवोन्मेश एंव बौद्धिक संपदा अधिकारÓÓ पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
छात्रों, शोधार्थियों एंव षिक्षकों के लिए किया गया। इस कार्यशाला का शुभा ंरभ गेल इंडिया लिमिटेड के सीएमडी श्री बी सी त्रिपाठी, इंडियन पेटेंट ऑफिस के दिल्ली कार्यालय के वरिष्ठ संयुक्त कंट्रोलर ऑफ पेटेंट एंड डिजाइन टेक्नीकल हेड डा के एस करदम, नेषनल रिसर्च
डेवलपमेंट कोरपोरेषन के सीएमडी डा एच पुरूषोत्तम, एमिटी षिक्षण समूह के संस्थापक
अध्यक्ष डा अशोक कुमार चौहान, एमिटी हयूमिनिटी फाउ ंडेशन की वाइस चेयरपरसन सुश्री
पूजा चौहान एंव एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी इनोवशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती
ने पांरपरिक दीप जलाकर कर कार्यषाला का शुभार ंभ किया।
एमिटी षिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोक कुमार चौहान ने अतिथियों एंव
छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एमिटी आरंभ से छात्रों एंव षिक्षकों को जीवन मे सफल
होने के लिए नये विचार, नवोन्मेष एंव रचनात्मक विचार पर ध्यान केन्द्रीत करने हेतु प्रेरित
करता है। उन्होने कहा कि एमिटी पिछले कुछ सालों मे लगभग 870 पेटेंट फाइल कर चुका
हैं। आनेवाले समय में देष में एमिटी सबसे अधिक पेटेंट फाइल करेगा।
गेल इंडिया लिमिटेड के सीएमडी बी सी त्रिपाठी ने छात्रों को संबोधित करते हुए
कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार आज की वैष्विक आवश्यकता है। हम दशक के साथ विष्व
में तेजी से परिवर्तन हो रहा है और नवोन्मेश बदलाव लाकर समाज की बेहतरी के लिए कार्य
कर रहा है। उन्होने जोर देते हुए कहा कि नवोन्मेष, मानव एंव मानव समाज का अंर्तभाग
है और रचनात्मकता, नवोन्मेष एंव पेटेंट हर घ ंटे की आवष्यकता है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि
ग्लोबल इनोवेषन इंडेक्स मे भारत 60 वें पायदान पर है और यूएस एंव चीन हमसें 25 से
30 गुना ज्यादा पेटेंट फाइल कर रहे है। उत्पादन क्षेत्र मे नवोन्मेष, किफायती इंजिनियरिंग
एंव उलट नवोन्मेष से हमे आर्थिक विकास एंव नौकरी विकास मे आ रही गिरावट जैसे मुद्दे
से भी निपट सकते है। कोई भी व्यापार हो या नवोनमेष हो उसमे पारदर्शिता आवष्यक है
नही तो समाज द्वारा उसे स्वीकार नही किया जाता है। उन्होनें कहा कि बौद्धिक संपदा
अधिकार के बारे मे युवाओं को जागरूक करना आवष्यक है और उन्हें उच्चतम, पारदर्षी एंव
किफायती नवोन्मेष जो समाज के लिए लाभदायक हो उसके लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होनें
युवाओं को चुनौतियों को स्वीकार करने एंव उद्यमिता एंव नवोन्मेष के क्षेत्र मे आगे बढऩे हेतु
आह्वान भी किया।
इंडियन पेटेंट ऑफिस के दिल्ली कार्यालय के वरिष्ठ संयुक्त कंट्रोलर ऑफ पेटेंट एंड
डिजाइन टेक्नीकल हेड डा के एस करदम ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि बौद्धिक
संपदा अधिकार का भविष्य उज्जवल है और हमारे युवा इसेनई उचंाईयों पर ले जायेंगे।
उन्होनें कहा कि भारत विष्व में पेटेंट फाइल करने वालों में उच्च 15 देषों मेषामिल है और
इंडियन पेटेंट कार्यालय, विष्व बौद्धिक संपदा संस्थान का सदस्य है जिसका हमें गर्व है।
उन्होनें कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न नितियों जैसे नेषनल आईडिया पॉलिसी 2016 एंव
स्र्टाटअप का सहायता स्कीम प्रदान करके उनके आइडिया को सुरक्षित रखने हेतु कार्य किया
जा रहा है। उन्होने छात्रों को अपने अविश्कार को वैष्विक स्तर पर सुरक्षित रखनेहेतु
इंटरनेषनल पेटेंट सिस्टम के अपना पेटेंट फाइल करने की सलाह दी।
नेषनल रिसर्च डेवलपमेंट कोरपोरेषन के सीएमडी डा एच पुरूषोत्तम ने छात्रों को
संबोधित करते हुए कहा कि अपने स्र्टाटअप आइडिया पर शिक्षण संस्थान मे शिक्षा के दौरान
ही काय करे जिससे आप उद्यमी बन कर उभरे। उन्होन ें कहा कि षोध, ज्ञान एंव विचारों को
आईपी प्रोटेक्षन के जरीए महफूज रखें। डा पुरूषोत्तम नेकहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार,
समृद्धि की चाबी है। बौद्धिक संपदा अधिकार ज्ञान को आप अपने उद्यम मे बदल सकते है
और धन कमा सकते है।
कार्यषाला केषुभारंभ के उपरा ंत दो तकनीक सत्र, प्रथम इनोवेषन एंड आईपीआर एंव
द्वितीय आइपी मॉनेआइजेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम का आयोजन किया गया। जिसमें
सीएसआईआर – आइजीआइबी की प्लानिंग मॉनिअरिंग एंव इवोल्यूवेशन की प्रमुख डा ज्योती
यादव, आईपीओ डिप्टी कंट्रोलर डा राजेष दीक्षित, एनआरडीसी के डा बिजया कुमार ने अपने
विचार रखे।

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