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एमिटी विश्वविद्यालय एंव इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी के मध्य समझौता पत्र पर हुआ हस्ताक्षर

एमिटी विश्वविद्यालय एंव इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी के मध्य समझौता पत्र पर हुआ हस्ताक्षर
नोएडा (संवाददाता)।क्लीनीकल एस्सीटेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एंव क्लीनीकल एब्रॉयलॉजी के क्षेत्र में डिप्लोमा पाठयक्रम का संचालन करने हेतु एंव उपरोक्त विषय में संयुक्त शोध करने हेतु बुधवार को एमिटी विश्वविद्यालय एंव इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी के मध्य समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया गया। इस समझौता पत्र पर एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती, एमिटी विष्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की प्रो वाइस चांसलर डा सुनिता सिंह, इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी की अध्यक्ष डा सोहानी वर्मा की उपस्थिती में एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश के रजिस्ट्रार डा बीए एल आर्या एंव इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी के सेक्रेटरी जनरल डा के डी नायर ने हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ मॉलेक्यूलर मेडिसिन एंड स्टेम सेल रिर्सच के चेयरमैन डा बी सी दास भी उपस्थित थे। एमिटी विश्वविद्यालय एंव इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी के मध्य सहयोग जुलाई 2017 से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन क्लीनीकल एस्सीटेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एंव पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन क्लीनिकल एब्रॉयलॉजी पाठयक्रम को प्रारंभ करके हुआ था। आज का समझौता पत्र दोनों क्षेत्रों में अनुसंधान के सहयोग के दायरे को और व्यापक बनाना है। इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी की अध्यक्ष डा सोहानी वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी की स्थापना स्न 2005 में 20 संस्थापक सदस्यों द्वारा की गई आज देश मे लगभग 16 राज्यीय भाग एंव लगभग 1800 सदस्य है। उन्होनें कहा कि इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी, भविष्य के फर्टिलिटी क्षेत्र मे कार्य करने वाले युवा व्यवसायिकों को एक मंच प्रदान करता है जहंा वो अधिक अनुभवी सदस्यों से जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होनें कहा कि एस्सीटेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एंव एब्रॉयलॉजी के क्षेत्र में कार्य करने वाले चिकित्सको के प्रशिक्षण एंव इस क्षेत्र में आ रही तकनीकों एंव षोधों की जानकारी प्रदान करने हेतु एक संस्थान की आवश्यकता थी और एमिटी ने हमारी खोज को पूर्ण किया है। यह समझौता पत्र मात्र दो कार्यक्रमों तक सीमीत नही रहेगा बल्कि भविष्य में और षोध एंव प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्य किया जायेगा। इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी के सेक्रेटरी जनरल डा के डी नायर ने संबोधित करते हुए कहा कि इस समझौता पत्र से दोनों संस्थानों के रिष्तों मे मजबूती आयेगी और षीघ्र ही इंडियन फर्टिलिटी सोसाइटी, एमिटी के अन्य संस्थानों के साथ भी मिलकर कार्य करेंगे। एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेषन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती ने अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर मेेे तनाव लोगों के स्वास्थय पर हावी हो रहा है जिसका असर प्रजनन क्षमता पर पड़ रहा है और देष में बांझपन की क्षमता बढ़ रही है। डा सेल्वामूर्ती ने कहा कि एस्सीटेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एंव एब्रॉयलॉजी के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन व्यक्तियों की आवश्यकता को आने वाले वक्त में यह समझौता पत्र पूर्ण करेगा। यह समझौता पत्र दोनों संस्थानों के इतिहास में महत्वपूर्ण नींव का पत्थर होगा। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एंव शोधार्थि भी उपस्थित थे।

 

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