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एमिटी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी विषय पर जैव प्रौद्योगिकी कार्यशाला एवं विश्व छात्र दिवस का आयोजन

एमिटी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी विषय पर जैव प्रौद्योगिकी कार्यशाला एवं विश्व छात्र दिवस का आयोजन
“नेनोपार्टिकल्स का विभिन्न एंटी बायोटिक्स के साथ कॉम्बिनेशन उपयोग के द्वारा कैंसर उपचार”
ग्वालियर।  कैंसर रोगियों एवं संक्रामक रोगाणुओ की विभिन्न एंटी बायोटिक्स के प्रति बढती हुई प्रतिरोधक छमता के बारे में चिंता व्यक्त व्यक्त करते हुए , प्रो. (डॉ.) रवि कुमार अष्ठाना, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ने बताया की सायनोबेक्टेरिया में पाए जाने वाली विभिन्न मोलिक्यूलस को कैंसर के विरुद्ध इस्तेमाल किया जाता हें. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया की विभिन्न माईक्रोब्स को नई एंटी बायोटिक्स ड्रग्स के लिए पहचानने की आवश्यकता हैं. डॉ. अष्ठाना ने नैनोटेक्नोलॉजी विशेष तौर पर नेनोपार्टिकल्स का विभिन्न एंटी बायोटिक्स के साथ कॉम्बिनेशन उपयोग के द्वारा कैंसर उपचार पर शोध को विस्तारपूर्वक बताया. उन्होंने अपने व्याख्यान में नेनोटेक्नोलॉजी के विभिन्न तकनीको एवं सायनोबेक्टेरिया के एंटी कैंसर, एंटी माइक्रोबियल एवं एंटी फंगल गुणों की जीनोम स्तर पर शोध के लिए कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया.  प्रो. अष्ठाना ने  एमिटी इंस्टिट्यूट आॅफ बायोटेक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी ग्वालियर द्वारा लेटेस्ट टेक्नीक्स इन मोलिक्यूलर बायोलॉजी, चिकित्सा जैव प्रौद्योगिकी, जैव सूचना विज्ञान और औद्योगिक माइक्रोबायोलॉजी एंड कंप्यूटेशनल बायोलॉजीह्व विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला एवं हैंड्स-ओन-ट्रेनिंग यंग स्टूडेंट्स को इस दिशा में कार्य करने को प्रेरित किया।
व्याख्यान के बाद प्रोफेसर (डॉ.) राजेश सिंह तोमर, निदेशक, एमिटी जैव प्रौद्योगिकी संस्थान तथा डीन (एकेडेमिक्स), एमिटी विश्वविद्यालय, ग्वालियर ने अतिथि वक्ता को स्मृति चिन्ह प्रदान किया. डॉ. तोमर ने छात्र-छात्राओ को विश्व छात्रदिवस पर बधाई दी जिसे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अव्दुल कलाम के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा हैं. कार्यक्रम का समापन डॉ. तोमर के धन्यबाद प्रस्ताव से संपन्न हुआ. कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को ओघोगिक माइक्रोबायोलॉजी के अंतर्गत आने वाली विभिन्न उच्च तकनीको की सैधांतिक एवं व्यावहारिक हैंड्स-ओन-ट्रेनिंग दी गई.
ट्रेनिंग सत्र के दौरान एमिटी इंस्टिट्यूट आॅफ बायोटेक्नोलॉजी के शिक्षकगण डॉ. विकास श्रीवास्तव, डॉ. मनीष कुमार एवं शर्मिष्ठा बेनर्जी ने इस सत्र का संचालन किया. विभाग के अन्य शिक्षकगण डॉ. राघवेन्द्र मिश्रा, डॉ. सूचि कौशिक, डॉ. अनुराग ज्योति, डॉ. राघवेन्द्र सक्सेना, डॉ. प्रतिष्ठा द्विवेदी, डॉ. सुष्मिता श्रीवास्तव ने सत्र संचालन में सहयोग दिया।

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