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एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम मेें 70 साल से भारत रूस के राजनयिक संबंधों की हुई समीक्षा

एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम मेें 70 साल से भारत रूस के राजनयिक संबंधों की हुई समीक्षा
्रॅगुरूग्राम (प्रशान्त)। एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम के एमिटी स्कूल आॅफ लैंग्वेज और सैंटर फॉर ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, इंडिया, चाईना और साऊथ अफ्रीका) ने रसियन स्टेट युनिवर्सिटी फॉर दी ह्यूमिनिटी, मोस्को और आरसीएससी (नई दिल्ली) और एंबैसी आॅफ रसियन फैडरेशन (इंडिया) और दिल्ली विश्विद्यालय के साथ मिलकर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार के आयोजन का मुख्य कारण रूस के राजनयिक संबंधों की समीक्षा और भविष्य की संभावनाए पर बातचीत करना था। 13 अप्रैल 1947- आजादी से 4 महीने पहले इंडिया-रूस दोनों के राजनयिक संबंध हुए थे। पिछले सात दशक से दोनों संबंध फल फूल रहा है और दोनों देशों के विशेष और विशेषाधिकारित सामरिक भागीदारी।
सेमिनार के मुख्य अतिथि प्रोफेसर अलेक्सेंडर स्टोलरोव, डॉयरेक्टर, इंटेरनेश्नल सेंटर आॅफ साऊथ एशियन स्टडिज, आरएसयूएचस, मोस्को थे। मुख्य अतिथि के साथ अलेक्सेंडर स्केगोलेव, डिप्टी ट्रेड कमिश्नर आॅफ रसिया ने इंडिया-रूस के आर्थिक संबंधो पर चर्चा की। डॉ नीलाक्सी सूर्यनारायण, हैड आॅफ डिपार्टमेंट आॅफ स्लावोनिक फिन्नो झ्र यूर्जियन स्टैडिज ने इंडिया झ्र रूस के शिक्षा के स्तर पर राजनयिक भविष्य संबंधो पर चर्चा की। डॉ शिव शक्ति बक्शी, एक्जिक्यूटिव एडिटर कमल संदेश ने रूस ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए मेक इन इंडिया पर किस तरीके से मदद कर रहा है पर चर्चा की।
प्रो डॉ पी बी शर्मा, वाईस चांसलर, एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम ने कहा कि भारत ने ग्लोबलाईशेशन (वैश्वीकरण) दौर में अहम भूमिका निभाई है और साथ ही साथ रूस के साथ संबंधो को मजबूत किया है क्योकि दोनों ही देशों के सांस्कृतिक, दार्शनिक और सामाजिक विरासत समान है।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर अलेक्सेंडर स्टोलरोव, डॉयरेक्टर, इंटेरनेश्नल सेंटर आॅफ साऊथ एशियन स्टडिज, आरएसयूएचस, मोस्को ने कहा कि इतिहास गवाह है कि रूस भारत के साथ भारत की आजादी के पहले से ही दोस्ताना व्यवहार कायम करे हुआ है। उन्होने अपने लेक्चर में दोनों देशों के राजनयिक संबंधों पर चर्चा की और उन्होंने विद्यार्थियों को उदाहरण देते हुए बताया की कैसे दोनों देश बुरी स्थिती में भी एक दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।
डॉ शिव शक्ति बक्शी, एक्जिक्यूटिव एडिटर कमल संदेश ने कहा कि हमें एक वैश्विक समुदाय बनाने की जरूरत है जो एक दूसरे के साथ मिल कर रहे। हमें सरकार द्वारा शुरू किए मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने की ज्यादा जरूरत है जिससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं के लिए रोजगार पैदा हो। रूस सदैव भारत के लिए एक अच्छा मित्र रहा है जो हर सुख दुख में भारत देश की मदद करने के लिए तत्पर रहता है। रूस ने सदैव भारत की हर मुमकिन स्तर राजनिति, रक्षा, सिविल औ? न्यूकलियर टैक्नोलोजी, आतंकवादियो से लड़ाई आदि क्षेत्रो में हमेशा भारत की मदद की है। 2016 में पुतिन जी की यात्रा के बाद व्यापार में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है।
इस सेमिनार में एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम और रसियन स्टेट युनिवर्सिटी फॉर ह्युमिनिटी, मोस्को ने मेमोरेंडेम आॅफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर किया। दोनो युनिवर्सिटी एकेडमिक मोबिलीटी, ज्वाईंट रिसर्च एक्टिविटी आदि प्रोग्राम दोनों युनिवर्सिटी के बीच में किए जाएंगे।
12 विद्यार्थी ब्रिक्स यूथ फैस्टवल में भाग ले रहे है जो अक्टूबर 2017 जो कि मोस्को और सोची, रूस के कल्चरल एक्चेंज प्रोग्राम में शामिल होंगे।
सेमिनार में प्रो डॉ पी बी शर्मा, वाईस चांसलर, एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम, मेजर जनरल बी एस सुहाग(रिटायर्ड), डिप्टी वाईस चांसलर, एमिटी युनिवर्सिटी गुरूग्राम, प्रो (डॉ) पद्माकली बैनर्जी, प्रो वाईस चांसलर, प्रो अशोक टिकू, प्रोफेसर अलेक्सेंडर स्टोलरोव, डॉयरेक्टर, इंटेरनेश्नल सेंटर आॅफ साऊथ एशियन स्टडिज, आरएसयूएचस, मोस्को थे। अलेक्सेंडर स्केगोलेव, डिप्टी ट्रेड कमिश्नर आॅफ रसिया डॉ नीलाक्सी सूर्यनारायण, हैड आॅफ डिपार्टमेंट आॅफ स्लावोनिक फिन्नो झ्र यूर्जियन स्टैडिज डॉ शिव शक्ति बक्शी, एक्जिक्यूटिव एडिटर कमल संदेश, युनिवर्सिटी की फैकल्टी, स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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