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एमिटी में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया

एमिटी में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया
नोएडा (अकांक्षा)। एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेस ने सोमवार को विश्व होम्योपैथी दिवस एमिटी विश्वविद्यालय सेक्टर 125 नोएडा में मनाया। इसके अंतर्गत एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेस ,डा विलमर श्वाब इंडिया एंव नोएडा होमियोपैथी मेडिकल एसोसिएशन द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत आहुजा क्लिनिक के डा गंगनदीप आहुजा, नोएडा के डा राहुल तिवारी, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मॉलीक्यूलर मेडिसिन एंड स्टेम सेल रिसर्च के चेयरमेन डा बी सी दास, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेस के निदेशक डा तनवीर नावेदे ने पारपरिक दीप जलाकर किया। इस शिविर में करीब 500 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें एमिटी के छात्र एंव स्टाफ शामिल थे। शिविर के दौरान ब्लड शुगर, रक्त चाप, बीएमआई की जांच की गई। इसके अलावा लोगों ने रोग एंव उनसे बचाव के बारे में डॉक्टरों से सलाह ली। शिविर में रोग के अनुसार दवाईयां भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान होम्योपैथी के क्षेत्र मे हुए विकास के बारे में बताते हुए डा गंगनदीप आहुजा ने कहा कि पिछले एक साल में होम्योपैथी के क्षेत्र में 26.4 प्रतिशत विकास हुआ है। जिसका कारण होम्योपैथी इलाज से हो रहे फायदे है। भारतीय होम्योपैथी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। होम्योपैथी एक ऐसा विज्ञान है जिसके कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। डा गंगनदीप आहुजा ने यह भी बताया कि होम्योपैथी को गहरे अनुसंधान से तैयार किया गया है। उन्होंने सभी को सलाह देते हुए कहा कि छोटे से बड़े रोगों के लिए भी होम्योपैथी दवाइयों का इस्तेमाल करे क्योकि यह सुरक्षित, प्रभावशाली एंव किफायती होती है। नोएडा सैक्टर 11 के डा राहुल तिवारी ने कहा कि देखा जाए तो होम्योपैथी के लिए पहले कदम अधिकतर महिलाओं ने लिया था। इसके बाद एलोपैथी दवाई के दुष्प्रभाव होने के कारण लोग होम्योपैथी की तरफ ज्यादा ध्यान देने लगे है। अच्छे प्रभाव प्राप्त होने के बाद अब लोग गंभीर बिमारीयां जैसे कैंसर आदी के लिए भी होम्योपैथी पर विश्वास करते है। एमिटी ने हमे ऐसा मंच दिया है जिससे हमें होम्योपैथी का अच्छा डेटा प्राप्त हुआ है।
एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मॉलीक्यूलर मेडिसिन एंड स्टेम सेल रिसर्च के चेयरमेन डा बी सी दास ने संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में विश्व स्तर पर रोगों से मुक्ति पाने के लिए होम्योपैथी दवाईयों का इस्तेमाल सबसे अधिक किया जाता है। होम्योपैथी दवाईयां सदैव कोमल एंव समग्र तरीके से काम करती है। होम्योपैथी दवाईयों का असर रोग पर जड़ से होता है। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, षोधाथिज़् एंव अधिकारीगण उपस्थित थे।

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