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एमिटी में टेलीकॉमयुनिकेशन एंड नेटवर्क (टेलनेट 2017) विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

एमिटी में टेलीकॉमयुनिकेशन एंड नेटवर्क (टेलनेट 2017) विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन


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August 10, 201

नोएडा, (संवाददाता)। एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ टेलीकॉम इंजिनियरिंग एंड मैनेजमेंट द्वारा टेलीकॉमयुनिकेशन एंड नेटवर्क (टेलनेट 2017)विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन एमिटी विश्वविद्यालय सैक्टर 125 नोएडा में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार डा आर चिंदबरम, फेसबुक के कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस के एपीएसी के क्षत्रीय प्रमुख मुनीष सेठ, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (भादूविप्रा) के सदस्य श्री अनिल कौशल , ईसीआईएल के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त)अतुल मेहरा, एमिटी समूह के संस्थापक अध्यक्षडा अशोक कुमार चौहान, एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती, एमिटी विश्वविद्यालयों के ग्रुप डिप्टी वाइस चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल पी डी भार्गव, एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ टेलीकॉम इंजिनियरिंग एंड मैनेजमेंट के डिप्टी निदेशक प्रोफेसर आर के कपूर ने पारंपरिक दीप जलाकर किया।
कार्यक्रम के दौरान पुस्तक बुक ऑफ ऐब्स्ट्रैक्ट का विमोचन सभी मौजूदा प्रतिनिधियों द्वारा किया गया।
भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार डा आर चिंदबरम ने कहा कि नेटवर्क के माध्यम से जाने वाले डेटा की मात्रा तेजी से बढ़ती जा रही है जिसके कारण नेटवर्क एंव टेलीकॉम की तकनीक में विकास हो रहा है। दूरसंचार सेवा के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। उन्होनें टेलीकॉम एंव नेटवर्क क्षेत्र में हुए विकास के बारे में बताते हुए कहा कि इस विकास से व्यापार करने का तरीका बदल गया है जैसे ऑप्टिकल फाइबर केबल, उच्च गति और कम लागत वाला ब्रॉडबैंड, त्रुटि मुफ्त सेवा आदी। उन्होने कहा कि क्लाउड कंप्यूटिंग, सॉफ्टवेयर परिभाषित नेटवर्किंग, बड़ा डेटा विज्ञान के उपयोग से दुनिया में आज कंप्यूटर विज्ञान, आईटी, दूरसंचार,प्रौद्योगिकियों के क्षेंत्र में एकीकरण प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है।
फेसबुक के कनेक्टिविटी सॉल्यूषंस के एपीएसी के क्षत्रीय प्रमुख श्री मुनीष सेठ ने संबोधित करते हुए कहा कि एमिटी ने इस सम्मेलन के आयोजन से टेलीकॅम्युनिकेषन के क्षेत्र में हो रहे शोध एंव प्रगति की जानकारी प्रदान की। भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के बारे में महत्वपूर्ण आंकडे साझा करते हुए बताया कि पिछले कुछ महिनों में एयरटेल एंव जीओ के बीच प्रतियोगिता के कारण डेटा उपयोग के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। आज के समय में इंटरनेट के 450 मिलियन उपयोगकर्ता है। जो लोग इंटरनेट पर नहीं है उसमें से 50 प्रतिषत ग्रामीण भारत से आए है और अगर भारत को विकसित देष बनना है तो उन 50 प्रतिषत लोगों को इंटरनेट से जोडऩा है।
एमिटी समूह के संस्थापक अध्यक्षडा अशोक कुमार चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि टेलीकॉम के क्षेत्र में अनेक अवसर मिलते है यहीं नहीं इस पाठ्यक्रम में हिस्सा लेने वाले सभी छात्र हट कर सोचते है। ऐसे छात्रों के साथ उद्योग भी काम करना चाहता है। एमिटी द्वारा चुने गए सम्मेलन का विषय आज के दौर के लिए जरूरी है। जीवन में जोभी करे परिणाम पर जरूर ध्यान दे कोई भी काम बिना परिणाम के न करें।
ईसीआईएल के कार्यकारी निदेषक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त)अतुल मेहरा ने कहा कि टेलीकॉम की जरूरत सभी क्षेत्रों में है कोई भी क्षेत्र टेलीकॉम के बिना नहीं चल सकता है। सभी कार्यो के परिणाम को नेटवर्क के माध्यम से समझा सकता है। इसके बिना जीवन संभव नहीं है। छोटे से बड़े उद्योग का अपना खास डाटा होता है ऐसे में बहुत जरूरी है कि उस डेटा को सुरक्षित रखा जाए। टेलीकॉम के क्षेत्र में सुरक्षा एक अहम मुद्दा है इसलिए टेलीकॉम की सुरक्षा पर हम सभी को मिलकर दस क्षेत्र में खास अनुसांधन एंव विकास के कार्य करने चाहिए।
सम्मेलन के अंत में देहरादूनकेडिफेन्स इलेक्ट्रनिक्स ऐप्लीकेषन लैब्रेटरी के निदेशक डा आर एस पुंडिर एंव मसूरी के आईटीएम के निदेशक संजय टंडन को प्रोफेसरशिप की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस सम्मेलन में विश्व भर से 380 शोध पत्र प्राप्त हुए। इसके अलावा 22 देशों के शोधकर्ताओं ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस अवसर पर अनेक संस्थाओं के साथ संयुक्त शोध, सम्मेलन एंव अन्य कार्यक्रम हेतु समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी किया गया।

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