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एमिटी में उद्यमवृत्ति जागरूकता शिविर का आयोजन

एमिटी में उद्यमवृत्ति जागरूकता शिविर का आयोजन
नोएडा। एमिटी सेंटर फॉर आन्ट्रप्रनर्शिप डेवलेपमेंट एंव राष्ट्रीय विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड, विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के साथ मिलकर तीन दिवसीय उद्यमवृत्ति जागरूकता शिविर का आयोजन मंगलवार एमिटी विश्वविद्यालय सैक्टर 125 नोएडा में किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर आन्ट्रप्रनर्शिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलेपमेंट के वरिष्ठ सलाहकार डा आर चंद्रा, राष्ट्रीय विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड ,डीएसटी, के निदेषक एंव वैज्ञानिक एफ सुजीव बनर्जी, सी ई ए ए ट्रस्ट नई दिल्ली के चेयरमेन थौथाथरी रमन, फिक्की के जोइंट डायरेक्टर कैलाष अययर, परदेशी षैक्षणिक सेवाएं यूएसए के प्रोफेसर विलियम एस पेरेट एंव एमिटी सेंटर फॉर आन्ट्रप्रनर्षिप डेवलेपमेंट की अध्यक्ष डा नीलम सक्सेना ने किया।
राष्ट्रीय विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड ,डीएसटी, के निदेषक एंव वैज्ञानिक एफ श्री सुजीव बनर्जी ने छात्रो को संबोधित करते हुए कहा कि समय तेजी से बदल रहा है। उद्योग की मांग ज्ञान पर आधारित लोगो की है, इसका मतलब है कि जिन लोगों में भरपूर ज्ञान है वहीं दुनिया में बदलाव ला सकते है। लागत प्रभावी कंपनी के चलते देश को बहुत से फायदे हो रहे है। नवोन्मेष का अर्थ है कि किस प्रकार एक समस्या का हल निकाला जाता है। अगर आप संसाधन का प्रयोग सही प्रकार एंव सही तरीके से करेगे तो आप हर किसी से जीवन में आगे रहेंगे।
फिक्की के जोइंट डायरेक्टर कैलाश अययर ने कहा कि आप को खुद को तैयार करना होगा क्योकि उद्यमी की जिंदगी मे काफी कुछ ऐसा होता है जो कि एक नौकरी कर रहे व्यक्ति के जीवन मे नहीं है। पहले के समय लोग एंव समाज उद्यमी को ज्यादा महत्व नहीं देता था पर अब अगर आप के पास सही योजना है तो आपके समर्थन में अनेक लोग होगे। आज के समय में नीजी कंपनी से लेकर सरकार भी उद्यमी के खास समर्थन मे होता है। इसके कारण भारत के सकल धरेलू उत्पाद में भी बढ़ोतरी होगी।
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर आन्ट्रप्रनर्शिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलेपमेंट के वरिष्ठ सलाहकार डा आर चंद्रा ने बताया कि योजना को पलेन करे, फिर उसका पालन करे और आखरी में प्रदर्षन करे। आप के समय मे नौकरीयों की कमी होती जा रही है और अगर हम युवा शक्ति का सही प्रयोग न करे तो सभी संसाधन की बरबादी ही होगी। सरकार ने तो महिला उद्यमी के लिए बहुत से योजनाएं भी बनाई है जिसके तहत महिलाओं को ज्यादा फासदे होगे। सभी उद्यमी को अपना हर सुख चेन त्याग न होता है। वह समय के हिसाब से नहीं बलिक काम के अनुसार काम करता है।

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