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एमिटी में इनोवेशन एंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स पर सम्मेलन का आयोजन

एमिटी में इनोवेशन एंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स पर सम्मेलन का आयोजन

नोएडा। एमिटी इनोवेशन फैसिलिटेशन सेंटर एंव नेषनल रिसर्च डेवलपमेंट कारपोरेशन द्वारा इनोवेशन एंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स पर सम्मेलन का आयोजन सम्मेलन का आयोजन एमिटी विश्वविद्यालय सैक्टर 125 नोएडा में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कारपोरेशन के चेयरमेन एंव प्रबंध निदेशक डा एच पुरूषोत्तम, एनआरडीसी एमिटी आईएफसी के मेंटर डा डी वी सिंह, सीएसआईआर के प्रतिनिधि श्री जयेश उन्नीकृष्णन, युएसपीटीओ से सुश्री शिल्पी झा एंव एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती ने किया। नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कारपोरेशन के चेयरमेन एंव प्रबंध निदेशक डा एच पुरूषोत्तम ने संबोधित करते हुए कहा कि इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स मन की रचना है और कहा कि आज के समय में यह बेहद अहम विषय है। पेटेंट दाखिले में चीन सबसे आगे है विश्व स्तर पर 38 प्रतिशत पेटेंट चीन द्वारा फाइल किए गए है वही भारत का योगदान पेटेंट फाइलिंग में मात्र 2 प्रतिषत का रहा है इसलिए जरूरत है कि भारत देश को इस क्षेत्र में आगे बढ़कर कदम उठाना चाहिए ताकी भारत को भी इनोवेशन हब के नाम से जाना जाऐ। श्री पुरूषोत्तम ने नेशनल रिसर्च डेवलपेंट कारपोरेशन को तकनीकी स्थानांतरण बताते हुए कहा कि एनआरडीसी में 2500 तकनीको का स्थानांतरण किया गया है, एनआरडीसी सैदव पेटेंट दाखिले में लोगो एंव उद्योगों को प्रोत्साहित करता है। उन्होने एमिटी की प्रशंसा करते हुए कहा कि एमिटी पेटेंट दाखिले में सदैव अपना योगदान देता है। उन्होने एमिटी के छात्रों को भविष्य के उद्यमिता बनने के एनआरडीसी में आमंत्रण किया ताकी वह उद्यमिता के बारे में अधिक जानकारी नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कारपोरेशन से प्राप्त कर सके। एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती ने संबोधित करते हुए कहा कि एमिटी इस प्रकार के सम्मेलन द्वारा छात्रों को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एंव इनोवेशन के क्षेत्र मे कार्य कर रहे दिग्गजों से मिलने का मौका प्रदान करती है जिससे छात्र अपने समस्याओं का निराकरण कर सकें। भारत को नवाचार एंव अनुसंधान अपना मिशन बना लेना चाहिए ताकि आने वाले समय में हम इस क्षेत्र में प्रथम स्थान पर रह सकें। आप का यह विषय बेहद महत्वपूर्ण है क्योकि समय तेजी से तकनीकी तौर की ओर बढ़ रहा है। एमिटी अनुसंधान करने के लिए सदैव अपने छात्रों को प्रोत्साहित करता है क्योकि अनुसंधान सभी क्षेत्र का मूल है। देश का विकास उसके अनुसंधान कार्य पर निर्भर करता है। सीएसआईआर के प्रतिनिधि श्री जयेश उन्नीकृष्णन ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजनों से युवा छात्रों को अनेक प्रकार के ताजे विचार प्राप्त होगे। जब किसी नवाचार विचार को सचाई में बदल दिया जाए तो इसका अर्थ है कि अब बाजार एंव जरूरत को एक साथ लाना होगा। इनोवेाशन के क्षेत्र में आप सभी एमिटी के छात्र कामयाबी की नई उचाईयों को हासिल करेगे। पूरी मेहनत एंव लगन से अपने कैरियर में आगे बढ़े।

इस संगोष्ठी में तमाम जाने माने वैज्ञानिक मौजूद थे जिन्होने विषय से जुड़ी प्रतिपादन किया।

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