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एमिटी में आॅल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन इंटरनेशनल फुटबॉल कोचि ंग सम्मेलन 2017 का आयोजन

एमिटी में आॅल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन इंटरनेशनल फुटबॉल कोचि ंग सम्मेलन 2017 का आयोजन
नोएडा। एमिटी स्कूल आॅफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोट्स साइसेस, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ एंव भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से आज आॅल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन इंटरनेशनल फुटबॉल कोचिंग सम्मेलन 2017 का आयोजन एमिटी विशवविद्यालय सैक्टर 125 नोएडा में किया गया। इस कार्यक्रम में फुटबॉल जगत के जाने माने दिग्गजो ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के फुटबॉल के पूर्व राष्ट्रीय खिलाडी श्री रेनेडी सिंह, फीफा प्रतिनिधि एंव बेल्जियम के फुटबॉल संघो के तकनीकी डिवीजन सपोर्ट श्री स्टीवन मार्टिन, एआईएफएफ के तकनीकी निदेषक एंव कैपिटल
फुटबॉल एंव एएफसी प्रषिक्षक श्री र्स्कोट डोनेल, मोरक्को नेषनल टीम केहेड कोच करीम बेनचरिफा, यूथ डेवलेपमेंट एआईएफएफ के अध्यक्ष रिचर्ड हूड, गांधीनगर के स्वर्णिम गुजरात स्पोट्स युनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफसर जतिन सोनी, फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन के संस्थागत मामलों के प्रमुख लुडोवी डेबेउ, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला, एमिटी स्कूल आॅफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोट्स साइसेस की निदेषिका डा कल्पना शर्मा ने पारपंरिक दीप जलाकर किया।
यूथ डेवलेप्मेंट एआईएफएफ के अध्यक्ष श्री रिचर्ड हूड ने यू. 17 टीम के प्रदर्शन के बारे में बताते हुए कहा कि यू. 17 टीम को विश्व कप के लिए तैयार किया जा रहा है।
उनहोनेउन खिलाड़िया ं की तारीफ करी जिन्होने अंतराराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होने अवगत कराया कि भविष्य में स्पोट्स क्लबों एंव स्कूलो को अच्छे खिलाड़ियों की पहचान कर उनकी प्रतिभा को सही दिषा देनेकी जिम्मेदारी लेनी होगी । उन्होने बेबी लीग के बार में बताया और कहा कि बेबी लगी से ही भारत में फुटबॉल के खेल को बढ़ावा मिलेगा। बेबी लगी साउथ अमेरीका की संकल्पना है जिसमे खिलाड़ि एक एक दुसरे की प्रतिभा को बढ़ाने का प्रयास करते है। अगर हम भारत की फुटबॉल टीम को विश्व स्तर पर देखना चाहते है तो फुटबाल खेलना हमे आदत बनानी होगी, कम से कम साल में 40 सप्ताह यह खेल खेलना होगा। पा ंच वर्ष की उम्रसे ही इसको अपना जुनून बनाना होगा।
भारत फुटबॉल के क्षेत्र में अन्य देशों से 5 से 6 साल पीछे है।
एआईएफएफ के तकनीकी निदेषक एंव कैपिटल फुटबॉल एंव एएफसी प्रशिक्षक र्स्कोट डोनेल ने कहा कि फुटबॉल के खेल में अच्छे खिलाड़ियों की कमी है। खिलाड़ियों को नियमित प्रतियोगिता की आवश्यकता है। भारत को मूल स्तर पर विकास लाने के लिए बच्चों को 4 से 5 साल की उम्रसे ही फुटबॉल के खेल के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
इसके अलावा फुटबॉल के खेल को अधिक महत्वता एंव देष की संस्कृति का हिस्सा बनाना चाहिए इससे खेल की लोकप्रियता बढेगी।
भारत के फुटबॉल के पूर्व राष्ट्रीय खिलाडी रेनेडी सिंह ने कहा कि अंतराराष्ट्रीय फुटबॉल मानको की तुलना में भारतीय फुटबॉल टीम में अभी भी कमी है लेकिन सुधार का प्रयास सही दिशा में जा रहा है। बेहतर सुविधाएं एंव अधिक प्रतिस्पर्धा वातावरण प्रदान करने सेआने वाले समय में भारतीय फुटबॉल टीम भी अंतराराष्ट्रीय लीग की जल्द ही
हिस्सा बनेगी। भारत देष में प्रतिभा की कोई नहीं है पर खिलाडियों के विकास के लिए सही कोचिंग शिक्षा की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान स्मारिका का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में एमिटी
विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एंव अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

 

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