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उरी अटैक : भारत नहीं देगा पाकिस्तान को अब पठानकोट जैसा मौका

उरी अटैक : भारत नहीं देगा पाकिस्तान को अब पठानकोट जैसा मौका
नई दिल्ली। पाकिस्तान को भारत पटानकोट जैसा नहां देग। अब पठानकोट आतंकवादी हमला मामले के उलट पाकिस्तान को उरी आतंकी हमले में उसके नागरिकों की संलिप्तता की जांच के लिए भारत की पेशकश घटना में मारे गए आतंकवादियों के ंिगर प्रिंट और डीएनए नमूना मुहैया कराने तक ‘सीमितÓ होगी।
विदेश सचिव एस जयशंकर ने भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर उरी हमले को लेकर एक डिमाशे जारी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने संवाददाताओं से कहा कि उच्चायुक्त को ‘अकाट्य सबूतÓ दिखाये गए जो पाकिस्तान स्थित समूहों और व्यक्तियों या पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्र की संलिप्तता की ओर संकेत करते हैं।
उन्होंने कहा कि विदेश सचिव ने उन विभिन्न चीजों की जानकारी दी जो आतंकवादियों से बरामद हुई हैं। उन्होंने कहा, जयशंकर ने ‘पाकिस्तान के उच्चायुक्त को जीपीएस ट्रैकिंग उपकरण, पाकिस्तान निर्मित ग्रेनेड की तस्वीरें और आतंकवादियों के फिंगर प्रिंट दिखाए।Ó उन्होंने कहा है कि विदेश सचिव ने पेशकश की कि पाकिस्तान सरकार यदि इन सीमापार हमलों की जांच करना चाहती है तो हम उरी और पुंछ घटनाओं में मारे गए आतंकवादियों के फिंगर प्रिंट और डीएनए नमूने मुहैया कराने को तैयार हैं।
स्वरूप ने कहा है कि मैं यह रेखांकित करना चाहूंगा कि हमारी पेशकश पाकिस्तान को फिंगर प्रिंट और डीएनए सबूत मुहैया कराने तक ही सीमित होगी ताकि पाकिस्तान उसका सत्यापन अपने नागरिकों के डेटाबेस (एनएडीआरए) से कर सके और इसकी पुष्टि कर सके कि भारतीय इकाइयों पर हमला करने वाले आतंकवादी वास्तव में पाकिस्तानी नागरिक थे। जिसका अथज़् है कि पठानकोट के उलट पाकिस्तान की किसी भी टीम को उरी आने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पठानकोट हमले के समय पाकिस्तान की एक जांच टीम को हमला स्थल का दौरा करने की इजाजत दी गई थी। विदेश सचिव ने यह भी रेखांकित किया था कि यह आतंकवादी हमला सीमापार से शुरू किए गए उस श्रृंखला का सबसे ताजा है, जिसमें हाल के सप्ताहों में तेजी आई है। जयशंकर ने साथ ही कुछ घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिसमें 30 जुलाई को नौगाम में हुई असफल घुसपैठ प्रयास भी शामिल है, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए थे और दो भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। आठ अगस्त को माछिल सेक्टर में नियंत्रण रेखा से असफल घुसपैठ प्रयास जिसमें एक आतंकवादी मारा गया था और बीएसएफ के तीन जवान शहीद हो गए थे, गत 15 अगस्त को श्रीनगर में हुई मुठभेड़ जिसमें सीआरपीएफ के कमांडर शहीद हो गए थे और सीआरपीएफ के 11 जवान घायल हो गए थे।
स्वरूप ने कहा है कि यह निश्चित तौर पर व्यापक रूप से ज्ञात है कि आतंकवादियों को प्रशिक्षिण एवं उन्हें हथियारबंद करना पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले क्षेत्र में मुक्त तौर पर हो रहा है। उन्होंने कहा है कि आतंकवादी संगठनों के स्वीकृत नेताओं को इस्लामाबाद में भी खुलेआम घूमने और बोलने की इजाजत है। ऐसा आतंकवाद न केवल भारत के खिलाफ निर्देशित है बल्कि अब इसकी पहचान एक व्यापक क्षेत्रीय चिंता के तौर पर की जा रही है। विदेश सचिव ने बासित को पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी बहादुर अली के बारे में भी याद दिलाया ‘जिसके लिए हमने पाकिस्तान को वाणिज्यिक दूतावास तक पहुंच की भी पेशकश की थी।

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