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उमा भारती गोडसे पर दिए ब्यान से मांगे माफी : मंडन मिश्र

गुंड़गाव। केन्द्रीय मंत्री उमा भारती द्वारा नत्थुराम गोडसे को सिरफिरा कहना अत्यंत निदंनीय है। हिन्दू महासभा इसका कड़ा विरोध करती है। यदि गोडसे पागल थे तो उसे फांसी की सजा क्यों दी गई। भारत के संविधान के अनुसार किसी पागल को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती। उमा भारती अपने ब्यान को वापिस लेकर खेद प्रकट करे। अन्यथा हिन्दू महासभा इस विषय पर आंदोलन करेगी। ये घोषणा हरियाणा हिन्दू महासभा अभियान समिति के संयोजक मंडन मिश्र ने की। हिन्दुस्तान के अमर शहीद नत्थु राम गोडसे को अमर शहीद का दर्जा दिया जाए इसी के साथ फांसी देने के स्थान अंबाला जेल को गोडसे का स्मारक बनाया जाए। गोडसे द्वारा न्यायालय में दिए गए ब्यान को जनता के सामने लाया जाना चाहिए। हिन्दू महासभा उनके विचारों को अधिक से अधिक जनता के सामने लाने का कार्य कर रही है। गोडसे एक महान देशभक्त था। उसका महात्मा गांधी के साथ कोई निजी विवाद नहीं था। वो पाकिस्तान को बनाने और भारत के साथ भेदभाव का विरोधी था। भारत सरकार को गोडसे की याद में अंबाला जेल को स्मारक बनाना चाहिए। भारत सरकार मान चुकी है कि महात्मा गांधी इस देश का राष्ट्रपिता नहीं है। भारत के नोटों से गांधी की तस्वीर हटाकर देश के महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चन्द्र बोस, वीर सावरकर, भगत सिंह आदि की तस्वीर होनी चाहिए। भारत की स्वतंत्रता गांधी के अहिंसावादी आंदोलनों से नहीं मिली थी अपितु सुभाषचन्द्र बोस, वीर सावरकर, भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के बलिदान के कारण मिली थी। सभी हिन्दुमहासभाईयों को अपने अपने घरों में गोडसे और सावरकर की तस्वीर अवश्य रखनी चाहिए।

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