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आप भी जानिए कैदी नं. 1997 यानी बलातकारी बाबा राम रहीम का हाल

आप भी जानिए कैदी नं. 1997 यानी बलातकारी बाबा राम रहीम का हाल
आंखों से बहते आंसू, जेल की छोटी सी कोठरी और कैदी का बिल्ला लगा कपड़े
नई दिल्ली (अनिल गुप्ता)। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख 50 साल के बाबा राम रहीम को जैसे ही जज ने उनके किए की सजा यानी सुनाई उनकी आखें नम हो गईं और वो रोने लगे। सोमवार (28 अगस्त) को उन्हें शाम 15 साल पहले दो महिलाओं के साथ किए गए बलात्कार के दोष में 10-10 लास सजा सुनाई गई। यानी कुल मिला कर उन्हें अब 20 साल तक जेल में रहना पड़ेगा।
सजा सुनते ही बाबा जज के सामने चिल्लाता रहा कि मैं निर्दोष हूं, प्लीज मुझे माफ कर दीजिए। जज जगदीप सिंह ने उसकी एक ना सुनी और किए पर उसे दो अलग-अलग मामलों में दस-दस साल की सजा सुनाकर अहम फैसला दिया।
अब बाबा राम रहीम को रोहतक की सोनारिया जेल में कैदी नंबर 1997 का नंबर दिया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद राम रहीम को मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाया गया। जिसके बाद उसे सामान्य कैदियों की तरह कपड़े दिए गए। जिसके बाद उसे जेल के छोटे से कमरे में डाल दिया गया। राम रहीम मामले में जेल के आला अधिकारियों ने बताया कि उसकी सुरक्षा के लिए उसे अन्य कैदियों से अलग रखा गया है। वहीं राम रहीम के वकीलों ने मांग की थी कि उसके स्वास्थ्य को देखते हुए दो लोगों को उसके साथ रहने के अनुमति दी जाए। जिसे कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का हवाला देते हुए इंकार कर दिया। जानकारी के अनुसार 50 साल का बलात्कारी बाबा कथित तौर पर पीठ दर्द और माइग्रेन का शिकार है।
दूसरी तरफ वीआईपी कैदी बाबा राम रहीम की सुरक्षा के लिए जेल में दो अधिकारियों को तैनात किया गया है। हालांकि इससे पहले बाबा को हरियाणा सरकार ने जेल प्लस सुरक्षा प्रदान की थी। बता दें कि जेल में राम रहीम को ऐसा कमरा दिया गया है जहां आराम से अधिकारी आ जा सकते हैं। यह कमरा जेल प्रशासन के काफी करीब है। जेल सूत्र बताते हैं कि राम रहीम दोषी ने करार दिए जाने के बाद से जेल में भारी खाना नहीं खाया है। इस बीच उसने सिर्फ थोड़ा पानी और कुछ दूध लिया है। उसने जेल में अन्य किसी शख्स से बात भी नहीं की।

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