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आईजी लखनऊ जोन ने ली अधिकारियों की बैठक, लिए गए कई अहम निर्णय

लखनऊ। पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ जोन ए सतीश गणेश ने जोन के सभी अपर पुलिस अधीक्षक जो पुलिस कार्यालय का काम देखते हैं व जोन के सभी जिलों के प्रधान लिपिकों के साथ जोन सभागार में एक बैठक की। बैठक में जिलों में काम कर रहे अराजपत्रित पुलिस अधिकारी/कर्मचारी के सेवा संबंधी अभिलेखों का प्रचलित कार्यवाहियों पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। क्योंकि यदि उस वक्त अराजपत्रित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों संबंधी कठिनाइयों व अन्य समस्याओं का समय से निर्धारण होता रहता है तो उनकी कार्यकुशलता अच्छी बनी रहती है और वह पूर्ण मनोयोग से काम करते रहते हैं।
तय सीमा के अंदर काम करके ब्यौरा पेश करने के निर्देश

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आईजी ने बताया मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि जिलों में कार्यरत सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी के आॅनलाइन मेन पावर मैनेजमेंट सिस्टम (नॉमिनल रोल) की कार्यवाही उन्हीं के निदेर्शों के अनुक्रम में अभियान चलाकर तय समय सीमा के अंदर कराई जाए और इस कार्य को 28 अगस्त 2016 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए व आॅनलाइन कर दिया जाए। 19 अगस्त 2016 को फिर से जोन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक की मीटिंग होगी जिसमें वह इस आशय का प्रमाण पत्र लेकर आएंगे कि सभी सेवा संबंधी अभिलेखों को तय समय के अंदर करते हुए आॅनलाइन कर दिया गया है।
लखनऊ सबसे फिसड्डी, लगाई फटकार

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मीटिंग में सभी जिला स्तर पर चल रही विभागीय कार्यवाही की समीक्षा करने पर पाया गया कि प्रारंभिक जांच के संबंध में लखनऊ में 154, रायबरेली में 103, उन्नाव में 53 पत्रावली निस्तारण के लिए शेष हैं। 14(1) (दीर्घ दंड) के संबंध में लखनऊ में 19, रायबरेली में 16 फैजाबाद में 6 पत्रावलियां लंबित हैं। 14(2) (लघु दंड) के संबंध में लखनऊ में 69, रायबरेली में 35, उन्नाव में 32 प्रकरण लंबित हैं।
अनुपस्थित, निलंबन, मृतक आश्रित में भी लखनऊ पीछे
इसी प्रकार अनुपस्थित, निलंबन, मृतक आश्रित के संबंध में लखनऊ में 1920, फैजाबाद में 390, रायबरेली में 341 पत्रावलियों का निस्तारण के लिए शेष है। इस पर आईजी ने सभी को कड़ी फटकार लगाते हुए सितंबर माह में प्रस्तावित जिलों के पुलिस कार्यालयों के निरीक्षण से पहले निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
अज्ञात शवों की पहचान कराने में तालमेल की कमी
मीटिंग के दौरान यह भी विचार किया गया कि अज्ञात शवों की शिनाख्त कराने में तालमेल की कमी वजह से अक्सर कठिनाइयां आ रही है। इस पर अज्ञात शवों के संबंध में दर्ज केसों का निस्तारण भी संभव नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में सभी अपर पुलिस अधीक्षकों से सुझाव मांगे गए इसके बाद लखनऊ के सभी जिलों के डीसीअरबी प्रभारी अज्ञात शव मिलने की दशा में अन्य जिलों के मृतक के फोटो व्हाट्सएप्प या ईमेल पर शेयर करेंगे। इसके अलावा जिलों के सभी क्षेत्राधिकारी थाना प्रभारी को उसी दिन उन फोटो को पहुंचाना सुनिश्चित करें ताकि अज्ञात शवों की सुगमता से शिनाख्त हो सके।

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