शिक्षा/टेक्नालाजी समाचार

अनुशासन और सकारात्मकता ही है सफलता का मंत्र : लेफ्टिनेंट जनरल वी के शर्मा

अनुशासन और सकारात्मकता ही है सफलता का मंत्र : लेफ्टिनेंट जनरल वी के शर्मा
ग्वालियर (सुनील गोयल)। शिक्षा और शोध के लिए प्रतिबद्ध एमिटी विश्वविद्यालय के ग्वालियर कैम्पस में बुधवार को नवआगंतुक विद्यार्थियों का प्रथम प्रवेश संस्कार हवन से करते हुए नवागंतुक विद्यार्थियों को एमिटी विश्वविद्यालय में प्रदान की जाने वाली सुविधाओं, नियमों, दिशानिर्देशों और प्रतिबंधों के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर एमिटी के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल वी के शर्मा एवीएसएम (रिटायर्ड) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपका सकारात्मक व्यवहार ही जीवन में आपको आगे बढऩे की दिशा देता है। उन्होंने कहा कि एमिटी किताबी ज्ञान के अलावा शोधपूर्ण और व्यवहारिक शिक्षा की अपनी वचनबद्धता निभाएगा लेकिन विद्यार्थियों को भी अनुशासित अध्ययन करते हुए अपने परिजनों को आत्मनिर्भर बनकर दिखाने का लक्ष्य तय करना चाहिए। ले.जनरल शर्मा ने एमिटी के संस्थापक डॉ अशोक के चौहान के बताए मंत्र साझा करते हुए कहा कि जीवन में अभिवृत्ति,परिश्रम, सद्व्यवहार और महत्वाकांक्षा ही आपको कामयाब बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन, ज्ञान, जीवन और भविष्य के सूत्रों के बारे में बताया। इस मौके पर कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल वी के शर्मा ने विश्वविद्यालय जीवन के भविष्य पर प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि ज्ञानार्जन से ही विद्यार्थी वयस्क होते हैं और उनके अभिभावकों ने इसी उद्देश्य से उन्हें देश—विदेश के इस प्रतिंष्ठित संस्थान में सामाजिक व आर्थिक रूप से सक्षम बनने का कौशल सीखने के लिए भेजा है। उन्होंने कहा कि आपके परिजन, आपको आत्मनिर्भर और स्वनिर्णय में सक्षम बनाना चाहते हैं, इसीलिए आपको उनपर निर्भर नहीं रहना है लेकिन अभिभावकों के परामर्श से निर्णय लेने के अधिकार का पालन किया जाना चाहिए। ले.जनरल शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय देश के लिए अनुशासित और उत्पादक पीढ़ी के संस्कार तय करने का महत्वपूर्ण केंद्र होता है, इसीलिए विद्यार्थियों को भी एमिटी विश्वविद्यालय की स्वच्छता और सम्मान की तय परंपरा का दृढता से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए और बेहतर परिधान के साथ—साथ अपने पुरातन संस्कारों व परंपराओं का भी निर्वाह करना चाहिए। इस मौके पर डीन अकादमिक प्रो आर एस तोमर, निदेशक प्रशासनिक कर्नल एक के सेठी, डीन स्टूडेंट वेल्फेयर एवं डायरेक्टर इंटरनेशनल अफेयरर्स डॉ अनिल वशिष्ठ और परीक्षा नियंत्रक ने विद्यार्थियों को अपने—अपने विभाग से जुड़े नियमों और अपेक्षित आचरण के बारे में बताया। इस मौके पर प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर(डॉ) एम.पी.कौशिक, उप रजिस्ट्रार प्रीत पद्मनाभन सहित सभी विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण विद्यार्थी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *